सीरिया के रास्ते में 2 रूसी युद्धक जहाज मिलिट्री गाड़ियों के साथ नजर आए। ऐसे में तीसरे गृहयुद्ध की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
नई दिल्ली। सीरिया में गृह युद्ध छिड़ा हुआ है। सीरिया में अपने ही सरकार की ओर से की गए रासायनिक हमले के विरोध में अमरीका सहित ब्रिटेन फ्रांस ने संयुक्त कार्रवाही करते हुए मिसाइले दागी। इस मिसाइल हमले में सीरिया के कई सैंन्य ठिकाने ध्वस्थ हो गए। तो वहीं रूस ने इसे अमरीका की मनमानी करार देते हुए युद्ध को लेकर चेतावनी तक दे डाली। लेकिन इन सब के बीच सीरिया संकट ने तीसरे विश्व युद्ध की सुगबुगाहट पैदा कर दी है। अब यह सवाल लगाता उठने लगे हैं कि क्या अब तीसरा विश्व युद्ध छिड़ जाएगा?
ऐसे सवाल उठना लाजमी है, क्योंकि सीरिया में कई देशों की गुटबंदी हिंसक रूप ले रही है। जहां एक ओर अमरीका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि सीरिया केमिकल हथियार का इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी तरफ रूस और सीरिया की सरकार ने अमरीकी कार्रवाई की निंदा की है। कुछ रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि रूस के युद्धक जहाज सीरिया की ओर बढ़ रहे हैं।
रूसी युद्धक जहाज सीरिया की तरफ आते नजर आएं
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को सीरिया के रास्ते में 2 रूसी युद्धक जहाज मिलिट्री गाड़ियों के साथ नजर आए। बता दें कि इस युद्धक जहाज में टैंक, मिलिट्री ट्रक और हथियारों से लैस नावें थीं। वहीं, एक जहाज को तुर्की के पास बॉस्फोरस में भी देखा गया। इस जहाज की फोटोज को बॉस्फोरस के एक समुद्री पर्यवेक्षक ने ट्विटर पर शेयर किया है।
सीरिया हमले का कहीं समर्थन तो कहीं विरोध
फ्रांस, ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर सीरिया पर हवाई हमला किया। लेकिन इस हमले को लेकर कहीं समर्थन मिल रहा है तो कही कुछ देश विरोध कर रहे हैं। सीरिया हमले पर सऊदी अरब और तुर्की अमरीका का समर्थन करते दिखे। तो वहीं दूसरी ओर, ईरान और चीन ने अमेरिका की कार्रवाई को दूसरे देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया। बता दें कि सीरिया पर अमरीका की और से की गई कार्रवाई के विरोध में ईरान रूस और सीरियाई राष्ट्रपति असद के साथ खड़ा हुआ।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा भले ही सीरिया हमले को लेकर अमरीकी कार्रवाई में शामिल नहीं थे, लेकिन इससे पहले के एक्शन में उन्होंने साथ दिया था। सऊदी अरब असद सरकार और ईरानी हस्तक्षेप के खिलाफ है।