70 वर्षीय हैरोल्‍ड बॉर्नस्टीन 35 सालों से अधिक समय तक ट्रंप के डॉक्टर रहे हैं।
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक के बाद एक नए आरोप लग रहे हैं। इस बार उनके पर्सनल डॉक्टर ने आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि ट्रंप के बॉडीगार्ड ने न्यूयॉर्क स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की है। गौरतलब है कि 70 वर्षीय हैरोल्ड बॉर्नस्टीन 35 सालों से अधिक समय तक ट्रंप के डॉक्टर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाल बढ़ाने से संबंधित दवा लेने की खबर सामने आने के बाद उन्हें हटा दिया गया था। इससे पहले ट्रंप पर एक पोर्न स्टार ने यौन शोषण का आरोप लगाया है।
छापेमारी करने वाले शख्य की पहचान बताई
पूर्व डॉक्टर हैरोल्ड बोर्नस्टीन ने छापेमारी करने आए शख्स की पहचान बतायी है। डॉक्टर का कहना है कि ट्रंप के पुराने बॉडीगार्ड की शिलर द्वारा 3 फरवरी 2017 को यह छापेमारी की गई। शिलर के साथ एक और शख्स भी था। यह रियल एस्टेट फर्म के वकील एलन गार्टन थे। डॉक्टर तीसरे की पहचान नहीं कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रंप के बॉडीगार्ड्स 25 से 30 मिनट तक रहे। इस दौरान उनके कार्यालय पर खूब हंगामा हुआ। उन्होंने आगे बताया कि इस छापेमारी में वे स्वास्थ्य से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकार्ड जब्त कर ले गए हैं।
सैंडर्स ने सामान्य प्रक्रिया बताया
इस घटना पर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने बताया कि यह सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा,जो हुआ उसे छापेमारी नहीं कहा जा सकता। सैंडर्स के अनुसार किसी भी नए राष्ट्रपति के मेडिकल रिकॉर्ड्स व्हाइट हाउस मेडिकल यूनिट के पास पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर हैरोल्ड बोर्नस्टीन ने दावा किया है कि मेडिकल रिकॉर्ड रिलीज करने के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा साइन किया गया अधिकारिक फॉर्म नहीं दिया गया। उनके मुताबिक यह पेशंट प्राइवेसी लॉ का उल्लंघन है।