सोमवार को अलास्का के तट पर 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए भूकंप के चलते सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई
नई दिल्ली। पूरी दुनिया इन दिनों कोरोनावायरस की मार से परेशान है ऐसे में दूसरी बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का आना देश को और अधिक खतरे में डालने का काम करता है। ऐसा ही कुछ इन दिनों अमेरिका को देखना पड़ रहा है। अभी वो कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी की जंग झेल ही रहा था कि सोमवार को अलास्का (earthquake in Alaska)के तट पर 7.5 तीव्रता के आए भूकंप के झटकों ने हिला कर रख दिया। भले ही इन झटकों से कोई हानि ना हुई हो, लेकिन आने वाली विपदा से अमेरिका काफी डरा हुआ है क्योंकि अमेरिकी की नैशनल ओशिऐनिक ऐंड अटमॉस्फीरिक ऐडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने चेतावनी दी गई है कि भूकंप के चलते कभी भी सुनामी आ सकता है। हालांकि कहा जा रहा है कि बाद में सुनामी की चेतावनी को परामर्श में तब्दील कर दिया गया।
सुनामी की खबर सामने आते ही वहां के लोगों से ऊंचाई वाली जगहों को खाली कर दिया है। यह सुनामी अलास्का प्रायद्वीप सहित अलास्का के दक्षिणी तट के काफी हिस्सों को प्रभावित करता है। 25 मील (40 किमी) की गहराई पर आए भूकंप के केंद्र से लगभग 60 मील (100 किमी) दूर सैंड प्वाइंट के पास छोटे से शहर में दो फुट की लहरें रिकॉर्ड की गई।
बताया जा रहा है कि ,7.5 तीव्रता के साथ आए भूकंप का केंद्र Homer,Alaska,USA से 735 किलोमीटर दक्षिणपश्चिम (SW) में था। भूकंप भारतीय समयानुसार 2:24 AM बजे सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में आया।
7.5 तीव्रता के बाद आया भूंकप से वही की धरती एक बार ही नही हिली बल्कि 5 से ज्यादा बार इसके झटके महसूस किए ग.। इस तरह से मिली रही चेतावनी को देखते हुए अब लोगों को साल 1964 की वो घटना याद आ रही है जब मार्च में अलास्का में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था। जो उत्तरी अमेरिका का अब तक सबसे शक्तिशाली भूकंप था भूकंप और सुनामी की वजह से 250 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।