
वाशिंगटन। तुर्की ने बीते बुधवार को पूवोत्तर सीरिया पर सैन्य कार्रवाई कर करीब 109 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। इसकी जानकारी देते हुए युद्ध की निगरानी कर रहे संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि इस कार्रवाई के कारण करीब 60 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। यह सभी लोग पूर्वी हसाकेह शहर की ओर बढ़ रहे हैं।
संगठन के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने कहा कि सबसे अधिक विस्थापन सीमावर्ती रास-अल अयिन, ताल अब्याद और देरबशिया से हुआ है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय चेतावनी के बावजूद तुर्की समर्थित सीरियाई विद्रोहियों ने बुधवार को कुर्दिश नियंत्रित पूर्वोत्तर सीरिया में सैन्य कार्रवाई की।
गौरतलब है कि तुर्की राजधानी अंकारा सीरियाई सीमा के काफी करीब है। इसके 30 किलोमीटर के दायरे को बफर क्षेत्र कहा जाता है। 2011 में सीरिया में शुरू गृहयुद्ध के बाद उसकी सीमा में आए 36 लाख शरणार्थियों को वापस भेजने की तैयारी है। मानवतावादी संगठन ने चेतावनी दी कि हालिया घटना से आठ साल से चल रहे संघर्ष में नागरिकों के लिए और घातक स्थिति पैदा हो सकती है।
एक बयान में कहा गया है कि सीरिया-तुर्की सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में चार लाख से अधिक लोग रहे हैं। तुर्की की इस कार्रवाई को लेकर सभी पक्षों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा पर सबसे अधिक खतरा है। इस बयान पर 14 मानवतावादी संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों की बड़ी संख्या होगी जिनकों सहायता नहीं पहुंचाई जा सकेगी।