कुछ दिन पहले ही फाइजर कंपनी ने ऐलान किया था वो लैब में COVID-19 यानी कोरोना की ऐसी वैक्सीन बनाने में सफल हुई है, जो कि वायरस के सामने 96% असरदार है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचा रखा है। 6.3 करोड़ से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 10 लाख से भी अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इन सब के बीच एक अच्छी खबर आ रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम ने फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ यूनाइटेड किंगडम फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने वाला पहला पश्चिमी देश बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते से ब्रिटेन टीकाकरण का काम भी शुरू हो जाएगा।
जर्मनी की दवा कंपनी बायोएनटेक और उसकी साझेदार अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने भी इस बात की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि यूरोपियन मेडिसिंस एजेंसी के समक्ष कोरोना वायरस के उनके टीके को मंजूरी के लिए एक आवेदन सौंपा है।
दोनों कंपनियों ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को सौंपे गए आवेदन की समीक्षा प्रक्रिया को पूरा किया गया। इसके अलावा WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम ने भी बताया कि यूनाइटेड किंगडम में अगले सप्ताह से टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।
ब्रिटेन की दवा और स्वास्थ्य उत्पाद नियामक एजेंसी ने बताया कि यह टीका उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है। कुछ दिन पहले ही फाइजर कंपनी ने ऐलान किया था वो लैब में COVID-19 यानी कोरोना की ऐसी वैक्सीन बनाने में सफल हुई है, जो कि वायरस के सामने 96% असरदार है।
फाइजर के अध्यक्ष और सीईओ डॉ अल्बर्ट बोरला के मुताबिक तीसरे चरण के ट्रायल के परिणामों के पहले सेट से ही पता चल गया था कि हमारी वैक्सीन काम करेगी। बोरला की माने तो ट्रायल में फाइजर वैक्सीन कोरोना को रोकने में 96 फीसदी से ज्यादा प्रभावी है।