
त्रिपोली। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNSMIL) के अनुसार, लीबिया में कम से कम आठ सामूहिक कब्रें मिली हैं। एक ट्वीट में, UNSMIL के बताया कि यहां पर आंतकवाद का एक भयावह चेहरा सामने आया है। यहां कम से कम आठ सामूहिक कब्रें पाई गई हैं। उनमें से अधिकांश तारुना में हैं। पिछले हफ्ते, लीबिया की संयुक्त राष्ट्र की मान्यता प्राप्त सरकार (GNA) ने राजधानी त्रिपोली के दक्षिण-पूर्व में एक प्रमुख शहर तारुना पर नियंत्रण की घोषणा की। यहां पर पहले पूर्वी सेना का नेतृत्व कर रहे जनरल खलीफा हफ्तार के नेतृत्व को पीछे धकेल दिया गया। यह शहर पहले लीबिया की राष्ट्रीय सेना (LNA) का कब्जा था।
शवों को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा
तारुना हफ्तार सेनाओं के लिए अहम गढ़ था। यहीं से इन्हें रसद और लड़ाई की रणनीति के लिए बल मिलता था। यहां पर हफ्तार सेनाएं मजबूती से डटी हुईं थीं। ये शहर उनका अंतिम प्रमुख गढ़ था।
UNSMIL ने कहा कि लीबिया के न्याय मंत्री कब्रों को देखने के लिए एक समिति की स्थापना करेंगे। बयान में कहा गया है, "हम इसके सदस्यों को सामूहिक कब्रों को सुरक्षित करने, पीड़ितों की पहचान करने, मौत के कारणों को स्थापित करने और शवों को परिजनों के पास वापस भेजने के उद्देश्य से तुरंत काम शुरू करने का आह्वान करते हैं।
इस घटना की जांच करने आश्वासन दिया
11 जून, 2020 को लीबिया की राष्ट्रीय सेना ने त्रिपोली से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में तारुना शहर में एक सामूहिक कब्र को खोजा था। इसके जवाब में, लीबिया में अमरीकी दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि उसने इसे UNSMIL से साझा किया है। इस पर अतंराष्ट्रीय निकायों ने इस घटना की जांच करने आश्वासन दिया है। लीबिया के प्रशासन ने भी इसे असहनीय घटना करार दिया है। लीबिया के
पूर्वी मामलों के सहायक विदेश मंत्री, डेविड शेंकर ने कहा कि बड़े पैमाने पर कब्रों का मिलना परेशान करने वाला है। लीबिया का संघर्ष बीते वर्षों में विदेशी शक्तियों और सेनानियों के बीच छद्म युद्ध में बदल गया है। जबकि संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त GNA तुर्की द्वारा समर्थित है, वहीं पूर्वी सेनाएं यूएई, मिस्र और रूस द्वारा समर्थित है।