
वाशिंगटन। कोरोना महामारी (Covid-19) के कारण लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति में लोगों ने आनलाइन अपने काम को निपटाना शुरू किया है। ऐसे में हैकरों ने इसका भरपूर फायदा उठाकर जबरदस्त जालसाजी की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट के अनुसार इस साल पिछली तिमाही के मुकाबले जालसाजी करने वाली (फिशिंग) वेबसाइटों में 350 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है। इनमें से ज्यादातर ने अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को नुकसान पहुंचाया है। इससे कोविड-19 से लड़ने के काम को बाधित किया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने के अनुसार जालसाजी करने वाली इन साइटों में बढ़ोतरी 'हाल के माह में साइबर अपराधों में हुई जबरदस्त वृद्धि का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक विशेषज्ञ अभी तक इस समस्या को महामारी से नहीं जोड़ रहे थे। मगर जालसाजी के आंकड़ों को देखा जाए तो महामारी के कारण सबसे अधिक असर आम जनता को पड़ा है।
अवर महासचिव व्लादिमीर वरोनकोव ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुईं आर्थिक मुश्किलों एवं व्यावधान का फायदा ये जालसाज उठा रहे हैं।” उन्होंने कहा, “वैश्विक महामारी के दौरान इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराध में हुई वृद्धि इस समस्या को और बढ़ावा देता है।” उन्होंने बताया कि हफ्ते भर से चली बैठक में 134 देशों, 88 नागरिक समाज एवं निजी क्षेत्र के संगठनों, 47 अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठनों और 40 संयुक्त राष्ट्र निकायों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।
वोरोनकोव ने कहा कि दुनिभाभर में फैेले आतंकवाद, तस्करी, वसूली और अपहरण जैसी घटनाएं चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश कोविड-19 के कारण पैदा हुई स्वास्थ्य आपदा और मानव संकट से निपटने को लेकर पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि वे आतंकवाद के खतरे को भी न भूलें।