
वाशिंगटन। विमानवाहक जहाज पर कोरोना वायरस के मरीजों के पाए जाने की सूचना देने वाले कप्तान को हटा दिया गया है। अमरीकी एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रूजवेल्ट के कप्तान को ऐसा करना भारी पड़ गया। अमरीकी नौसेना ने कोरोना संकट में फंसे अपने नौसैनिकों को मदद की गुहार लगाने वाले कमांडर ब्रेट क्रोजियर को पद से हटा दिया है।
अमरीकी नौसेना के चीफ थॉमस मोडली के अनुसार कमांडर ब्रेट क्रोजियर ने खराब फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कमांडर के पत्र ने लोगों में यह धारणा बनाई की कि नेवी उनके सवालों का जवाब नहीं दे रही है। मोडली के अनुसार इससे ऐसा लगा कि नेवी अपना काम नहीं कर रही है। सरकार अपना काम नहीं कर रही है। यह सही नहीं हैं।
4,000 लोगों ने मदद के लिए गुहार लगाई
कमांडर ब्रेट क्रोजियर ने एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रूजवेल्ट में फंसे 4 हजार लोगों की मदद के लिए एक पत्र लिखकर गुहार लगाई थी। नेवी में पहला कोरोना वायरस का मामला मिला। इस एयरक्राफ्ट कैरियर को अब अमरीकी नौसेना के अड्डे गुआम में खड़ा किया गया है। इसमें सवार नौसैनिकों की जांच की जा रही है। इस कैरियर में कुछ लोग ऐसे हैं जो कोरोना पॉजिटिव हैं। ऐसे में कप्तान ने अपने पत्र में चिंता जाहिर की थी।
जहाज के कमांडिंग ऑफिसर ब्रेट क्रोजियर के अनुसार कैरियर में क्वारंटीन और आइसोलेशन सुविधाएं नहीं हैं। इससे वायरस के फैलने का खतरा है। इस समय जो कोशिशें की जा रही हैं उससे वायरस के फैलने की रफ्तार में कमी तो आ सकती है लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने 'निर्णायक फैसला' लेने और 4,000 सेलर्स को आइसोलेट करने की अपील की है। शिप पर क्रू के अलावा नेवल एवियेटर्स और दूसरे लोग भी हैं।
करीब 80 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं
क्रोजियर ने भावुक खत में कहा है कि वह जंग में नहीं हैं। सेलर्स को मरने की जरूरत नहीं है। अगर हम अभी कदम नहीं उठाते हं तो हम अपने सबसे विश्वनीय हिस्से का सही से ध्यान रखने में असफल हो रहे हैं- जो हमारे सेलर्स हैं।'अमरीका के अधिकारियों के अनुसार जहाज पर करीब 80 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं और आशंका जताई गई है कि सभी का टेस्ट होने पर यह संख्या बढ़ भी सकती है।