राष्ट्रपिता ( Mahatma Gandhi ) के अहिंसावादी विरोध के तरीके को याद करने के लिए आयोजित कार्यक्रम भारत ( Indian ) में की जा रही कानूनी प्रक्रियाओं के विरोध में लोग अपना रहे हैं अहिंसावादी तरीका
वाशिंगटन। अमरीका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में भारतीय मूल के अमरीकी सत्याग्रह ( Satyagraha ) करेंगे। ये सभी लोग एक फरवरी को भारतीय दूतावास ( Indian Embassy ) पर महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने धरना देते हुए सत्याग्रह करेंगे। इस बारे में अमरीकी स्थानीय मीडिया में जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पॉलिसी एडवोकेसी ग्रुप यंग इंडिया ने इस कार्यक्रम के जरिए लोगों को भारत के मौजूदा राजनैतिक हालात के बीच राष्ट्रपिता के अहिंसावादी विरोध के तरीके को याद करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया है।
गांधी के विचारों को दोबारा जीवित करने की कोशिश
मौन होकर गांधी को याद करने के लिए सत्याग्रह पर बैठने के बारे में आयोजकों में से एक रोहित त्रिपाठी ने मीडिया को बताया, 'हम इसे सत्याग्रह कह रहे हैं क्योंकि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि जैसा गांधी ने कहा है कि आपका साधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि साध्य।'
अहिंसा के माध्यम से मिलती है लोगों की भागीदारी
उन्होंने कहा, 'हम एक कार्यप्रणाली पर केन्द्रित हैं, जिसमें आत्माबल की एक पद्धति हमारे सहज विश्वासों और अहिंसा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को हमारे कर्म और शब्दों में शामिल करना चाहती है। ठीक वैसे ही जैसे भारत में की जा रही कानूनी प्रक्रियाओं के विरोध में लोग अहिंसावादी तरीके अपना रहे हैं।' इस सत्याग्रह के जरिए वो क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर त्रिपाठी ने कहा, 'हमारा संदेश यही है कि अहिंसा के माध्यम से ही बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी हासिल की जा सकती है।'