
मास्को। रूस की कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर भारत के साथ कई देश रुचि दिखा रहे हैं। रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी (Sputnik V ) को यूएई, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील, मैक्सिको और भारत ने लेने की बात कही है। इसके 20 करोड़ डोज बनाने की तैयारी चल रही है। जिसमें से 3 करोड़ डोज केवल रूसी लोगों के लिए होंगे।
भारत ने भी दिखाई दिलचस्पी
वैक्सीन से जुड़ी वेबसाइट के अनुसार फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल भारत समेत दुनिया के बाकी देशों में किए जाएंगे। इस पर जानकारी दी गई है कि भारतीय कंपनियों ने वैक्सीन के प्रोडक्शन को लेकर अपनी उत्सुकता दिखाई है। हालांकि, अभी तक भारत या भारतीय कंपनियों से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यहां के डॉक्टरों को स्पष्ट करना होगा की कि वैक्सीन सुरक्षित है की नहीं। गौरतलब है कि भारत में अभी स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल जारी है। इसके साथ ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन पर भी परीक्षण जारी है। ऐसा माना जा रहा है कि सीमित संख्या में इसे सितंबर तक मंगाया जा सकता है।
रूसी कोरोना वैक्सीन परियोजना के लिए फंड मुहैया कराने वाली संस्था रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड का कहना है कि इस वैक्सीन का उत्पादन कई देशों में हो सकता है। इस दौरान उसने कहा कि वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल सऊदी अरब, यूएई, ब्राजील, भारत और फिलीपींस समेत कई देशों में होगा।
रूस के अनुसार वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन सितंबर 2020 में शुरू हो जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि 2020 के अंत तक इस वैक्सीन के 20 करोड़ डोज बना लिए जाएंगे। इसमें तीन करोड़ वैक्सीन केवल रूसी लोगों के लिए होगी।
पुतिन ने इस वैक्सीन पर गहरी आस्था दिखाते हुए इसका ट्रायल अपनी बेटी पर भी किया है। उन्होंने कोरोना वायरस वैक्सीन के निर्माण से जुड़े हर विभाग का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे दुनिया के लिए एक अहम कदम बताया। पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विदेशी सहयोगी उनका साथ देंगे। ये रूस के लिए वैश्विक बाजार में बढ़ी उपलब्धि है।