HIGHLIGHTS रूस ( Russia ) ने कोविड-19 वैक्सीन ( Covid-19 Vaccine ) पर सभी क्लीनिकल ट्रायल ( Clinical Trail ) खत्म होने का ऐलान करते हुए कहा है कि वह अक्टूबर के पहले हफ्ते से ही व्यापक तौर पर वैक्सीनेशन ( Vaccination ) का कार्यक्रम शुरू करने वाला है। WHO ने कहा है कि वैक्सीन बनाने के लिए तय गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया है। ऐसे में इस वैक्सीन की सफलता पर भरोसा करना मुश्किल है।
पेरिस। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है, लेकिन इसे रोकने के लिए दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन बनाने पर शोध किया जा रहा है। इसमें रूस सबसे आगे नजर आ रहा है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organization, WHO ) ने रूसी ओर से तैयार किए गए कोरोना वैक्सीन को लेकर संदेह जताया है और चेतावनी दी है।
दरअसल, रूस ने अक्टूबर में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लोगों तक पहुंचाने की घोषणा की है। रूस ने कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) पर सभी क्लीनिकल ट्रायल खत्म होने का ऐलान करते हुए कहा है कि वह अक्टूबर के पहले हफ्ते से ही व्यापक तौर पर वैक्सीनेशन का कार्यक्रम शुरू करने वाला है।
रूस के इस ऐलान के बाद अब WHO ने कहा है कि वैक्सीन बनाने के लिए तय गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया है। ऐसे में इस वैक्सीन की सफलता पर भरोसा करना मुश्किल है।
तीसरा चरण का ट्रायल बाकी
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर ( Christian Lindmeier ) ने कहा कि किसी भी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बिना ही उसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी करना सबसे खतरनाक है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन उत्पादन के लिए WHO की ओर से कई गाइडलाइन्स बनाई गई हैं और इसका पालना करना अनिवार्य है।
क्रिस्टियन लिंडमियर ने कहा, 'कई बार ऐसा होता है कि कुछ शोधकर्ता दावा करते हैं कि उन्होंने कोई खोज कर ली है जो कि वाकई बहुत अच्छी खबर होती है। लेकिन उसके खोज करने और क्लीनिकल ट्रायल के सभी चरणों से गुजरने की प्रक्रिया में अंतर होता होता है।
रूसी के कोरोना वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा कि हमने अभी तक आधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं देखा है। यदि आधिकारिक तौर पर कुछ होता तो यूरोप के हमारे कार्यालय के सहयोगी जरूर इस पर ध्यान देते। रूस ने अपने वैक्सीन का तीसरा चरण का ट्रायल पूरा नहीं किया है। लिंडिमियर ने कहा कि WHO की ओर से तय किए गए गाइडलाइन का पालन करने से हमें ये पता चलता है कि क्या किसी इलाज या वैक्सीन के साइड इफेक्ट हैं या फिर कहीं इससे फायदे के बजाय नुकसान तो ज्यादा नहीं हो रहा है। इसलिए तय मानकों का पालन जरूरी है।
150 से अधिक वैक्सीन पर ट्रायल
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में 150 से अधिक कोरोना वैक्सीन पर परीक्षण किया जा रहा है। WHO ने अपनी वेबसाइट में बताया है कि 25 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल से गुजर रही हैं, जबकि 139 वैक्सीन अभी प्री-क्लीनिकल स्टेज में हैं।
आपको बता दें कि रविवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ( Mikhail Murashko ) ने ये दावा किया था कि अक्टूबर से कोरोना वैक्सीन का व्यापक वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया था कि गामालेया इंस्टीट्यूट ने कोरोना वैक्सीन पर सभी क्लीनिकल ट्रायल पूरे कर लिए हैं और इसके परिणाम साकारात्म आए हैं। फिलहाल वैक्सीन रजिस्ट्रेशन और डिस्ट्रीब्यूशन की प्रक्रिया में है अगस्त के अंत तक इसकी मंजूरी मिल जाएगी।