गुतिरेज़ हर महीने अपने चैनल से 300 अरब से ज्यादा तक की कमाई कर लेता था। वह और अपने काम से और पैसे कमाना चाहता था।
नई दिल्ली। कभी-कभी इंसान आगे बढ़ने की लालसा में इतना आगे बढ़ जाता है कि उसका पूरा अस्तित्व समाप्त हो जाता है। ऐसा ही कुछ मैक्सिको के पश्चिमी शहर ग्वाडलाहारा में हुआ। तीन कॉलेज छात्रों को प्रोजेक्ट में एक वीडियो शूट करने को मिला। वीडियो ड्रग्स सप्लाई करने वाले गैंग्स और क्राइम की दुनिया में पैर रखकर तबाह होने वाली जिंदगी पर बनानी थी। तीनों दोस्तों को एक ऐसे साथी की तलाश थी जो वीडियो में मुख्य किरदार निभा सके। इसके साथ ही उसका खुद का यू ट्यूब चैनल हो। इस वीडियो को शूट करने के लिए तीनों छात्रों को अधिक तलाश नहीं करनी पड़ी। उनको एक ऐसा साथी मिल गया जिसका खुद का यू ट्यूब चैनल था। खास बात यह थी कि नया साथी अभिनय भी कर सकता था। इसके अलावा उसके यू ट्यूब चैनल के सब्सक्राइबर भी बहुत ज्यादा थे। वहीं तीनों छात्रों का सपना था कि वह शहर के सबसे बड़े फिल्म निर्देशक बनें। छात्रों को उम्मीद थी कि वह इस वीडियो की सफलता के बाद निर्देशक बन सकते हैं। लेकिन बहुत जल्दी आगे बढ़ने की लालसा में वह इतना आगे निकल गए कि उन्हें जान तक गंवानी पड़ी।
सभी छात्र वीडियो शूट करने के चक्कर में नशे के कारोबारी की चंगुल में बुरी तरह फंस गए। हैरानी की बात ये है कि उन छात्रों की फंसाने वाला और कोई नहीं बल्कि उनका यू ट्यूबर ही था। नए साथी पर आरोप है कि उसने तीनों छात्रों के शरीर को तेजाब में डूबोकर उनके अवशेष तक गला दिए।
पैसों की लालच में बना गुनहगार
आरोपी यू ट्यूबर का नाम क्रिश्चिचयन ओमर पाल्मा गुतिरेज़ बताया जा रहा है। वो नशे के कारोबारी के साथ मिलकर धंधा करता था। इसके साथ ही वह दुनिया की नजर में साफ छवि बनाए रखने के लिए यू ट्यूब चैनल चलाता था। बताया जा रहा है कि वह एक अच्छा रैपर भी था। गुतिरेज़ यू ट्यूब पर अपना ‘क़ुबा’ नाम का चैनल चलाता था। इस चैनल पर उसके 50 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स थे। उसके वीडियो को 6,70,000 से ज्यादा लोगों ने देखा था। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, गुतिरेज़ हर महीने अपने चैनल से 300 अरब से ज्यादा तक की कमाई कर लेता था। वह और अपने काम से और पैसे कमाना चाहता था। इसी वजह से वह गुनाह की राह में और फंसता चला गया।
गैंग के विरोधियों को ऐसिड में डूबोकर गला दिया करता था
वह अपने गैंग के सदस्य के तौर पर गैंग के विराधियों को किडनैप करता था और फिर उन्हें टॉर्चर करता था। लेकिन गुतिरेज का मुख्य काम वह था, जिसे गैंग कुक करना कहता था। गुतिरेज गैंग के विरोधियों को एसिड से भरे टैंक में फेंककर उनके अवशेष तक गला दिया करता था। इसके एवज में उसे महीने में 160 डॉलर तक मिलते थे। वह लोगों के शरीर को एसिड टैंक में फेंकने के बाद दो दिन के लिए छोड़ देता था। वह तेजाब को नाले में बहा देता था, जबकि बचे हुए अवशेषों को मैदान में फेंक दिया करता था। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि तीन फिल्म छात्रों का भी गुतिरेज़ ने यही हाल किया था।
तीनों छात्रों का गैंग से कोई लेना-देना नहीं
पुलिस रिपोर्ट में पता चला है कि मरने वाले तीनों छात्रों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच थी। उनका नशे के गैंग के साथ कोई लेना-देना नहीं था। उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने अपनी फिल्म के लिए बैकग्राउंड के तौर पर उस घर को चुन लिया जिसे विरोधी गैंग अपने अड्डे के तौर पर इस्तेमाल करता था। जिस वक्त शूटिंग चल रही थी, जालिस्को गैंग की निगाह उस घर पर थी। जैसे ही तीन छात्र दिखे, उन्होंने छात्रों को अगवा कर लिया और जालिस्को गैंग के ठिकाने पर ले गए। वहां उनसे पूछताछ की गई। एक छात्र की मौत पूछताछ के दौरान हो गई। जबकि गैंग ने बाकी दो लोगों को मार डाला। पुलिस के मुताबिक, पाल्मा गुतिरेज़ ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसे विशेष सुरक्षा वाली जेल में रखा गया है क्योंकि गैंग को शक है कि वह विरोधी गैंग की मदद कर रहा था।