ठण्ड से एक मजदूर की मौत हो गयी। जिसके बाद प्रशासन में हडकंप मच गया है।
मुरादाबाद: सरकार भले ही कितने दावे कर ले कि गरीबों के लिए वो तमाम योजनायें चला रही है। लेकिन क्या उनका लाभ जनता को मिल पा रहा है ये जानने की कभी किसी ने कोशिश नहीं की। जी हां पूरे उत्तर भारत में कड़ाके ठंड पड़ रही है। रात का तापमान जीरो तक पहुंच रहा है। ऐसे में आप अंदाजा लगाइए कि महज एक पौलिथिन और ईंटों के चट्टे के सहारे कोई कैसे जानलेवा पूस की रात काट लेगा। और फिर हुआ भी ऐसा ही। कुन्दरकी थाना क्षेत्र में ठण्ड से एक मजदूर की मौत हो गयी। जिसके बाद प्रशासन में हडकंप मच गया है। डीएम ने मौत की जांच के आदेश दिए हैं।
झुग्गी में रहता था परिवार
कुंदरकी थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में रहने वाले इरफान अपनी पत्नी और तीन बच्चियों के साथ गांव में बनाई अपनी झुग्गी में रह रहा था।परिवार को ठंड से बचाने के लिए झुग्गी नुमा घर को प्लास्टिक से कवर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि देर रात शीतलहर के चलते इरफान की तबियत खराब हुई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक इरफान लम्बे समय से आवास योजना का लाभ लेना चाह रहा था लेकिन कोई सुनवाई न होने के चलते उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
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मजदूरी से चलता खर्च
इरफान मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। आर्थिक हालात खराब होने के चलते परिवार के पास न तो गर्म कपड़े थे और न ही पक्का मकान था। परिजनों के मुताबिक गरीब होने के वावजूद भी इरफान को किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा था और कई बार प्रयास करने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। इरफान की मौत के बाद मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने पुलिस की मदद से शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जांच के आदेश
डीएम राकेश कुमार सिंह के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रहीं है साथ ही कम्बल वितरण योजना में इरफान के परिवार को कम्बल मिला या नहीं इसकी जांच के आदेश दिए गए है। जिला प्रशासन के मुताबिक अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट में शीतलहर से मौत की पुष्टि होती है तो इरफान को सरकारी मुआवजा और परिवार को अन्य सहायता मुहैया कराई जाएगी। यही नहीं डीएम ने जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है।