व्यवस्थाओं को लेकर रह रही महिलाओं और अन्य लोगों से बातचीत की। जिसमें कोई बड़ी खामी नजर नहीं आई।
मुरादाबाद: बिहार के मुजफ्फरपुर और यूपी के देवरिया के नारी संरक्षण गृह में हुई घटना के बाद जनपद का प्रशासन भी अलर्ट मोड़ में आ गया है। इसी के तहत सोमवार को खुद डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह और जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता ने शहर में शेल्टर होम का जायजा लिया। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर रह रही महिलाओं और अन्य लोगों से बातचीत की। जिसमें कोई बड़ी खामी नजर नहीं आई। फ़िलहाल और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि राजकीय महिला शरणालय में अधीक्षिका की तैनाती न मिलने पर पता चला कि ये पड़ शासन स्तर से लंबित है। शहर में चार शेल्टर होम हैं। सभी का बारीकी से निरिक्षण किया गया।
अधिकारीयों ने व्यवस्थाओं को परखा
सुबह सीएम योगी की डीएम देवरिया पर सख्त कार्यवाही के बाद दोपहर में आनन फानन में औचक निरीक्षण करते हुए पहले मुरादाबाद के राजकीय महिला शरणालय का हाल जानने के लिए प्रशासनिक अधिकारी जांच के लिए पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद बाल आश्रय गृह भी पहुंचे हालात और व्यवस्थाओं का जायजा लेकर राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) पहुंचे। सभी जगह अंदर की व्यवस्थाओं को देख शरणार्थियों से सुविधाओ के बारे में पूछा। एक जगह सीसीटीवी में कुछ कमी मिली जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी रहेगी चेकिंग
जांच के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सिटी मैजिस्ट्रेट के साथ तीनों जगहोँ का रूटीन चैकिंग के अलावा औचक निरीक्षण किया गया है। छोटी मोटी कमी के अलावा सब कुछ चाक चौबंद है। फिर भी क्या और बेहतर हो सकता है ये देखने के लिए भी हम विजिट करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि अब सभी शेल्टर होम में गेट पर एंट्री रजिस्टर की व्यवस्था कर दी गयी है। चाहे कितना ही बड़ा अधिकारी हो या पद अधिकारी उसको एंट्री जरुर करनी पड़ेगी। सभी शेल्टर होम सीसीटीवी और विजिटिंग रजिस्टर अनिवार्य कर दिया गया है।
इस वजह से मचा है हडकंप
यहां बता दें कि मुजफ्फरपुर और देवरिया के शेल्टर होम में बच्चियों और लड़कियों से देह व्यापार कराने का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में हडकम्प मच गया है। खुद सीएम योगी ने सभी जिलों के अधिकारीयों को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के अंदर अपने अपने जिले की रिपोर्ट दें अगर कोई लापरवाही मिलती है तो सख्त कार्यवाही होगी।