आजम खान को सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना पड़ा महंगा
रामपुर. योगी आदित्यनाथ सरकार ने सेना के जवानों पर अमर्यादित बयानबाजी करने वाले सपा के कद्दावर नेता नेता आजम खान पर मुकदमा चलाने के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि पिछले वर्ष आजम खान ने रामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में महिला नक्सलियों द्वारा शहीद सैनिकों के गुप्तांग काटने के मामले में सेना पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। उस दौरान आजम खां ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर और मिजोरम जैसे राज्यों में महिलाओं ने फौजियों से रेप का बदला लिया है। जवानों के जिस्म के जिस हिस्से से महिलाओं को दिक्कत थी, वे उस हिस्से तक को काट ले गईं। आजम खान के इस बयान पर बवाल के बाद भाजपा नेता व पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के बेटे आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट कराई थी। अब इस मामले में योगी सरकार ने आजम खान पर केस चलाने की अनुमति दे दी है।
रिपार्ट में कहा गया था कि सेना के जवान देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहूति देते हैं। उनकी वजह से देश सुरक्षित है। इससे देश की एकता और अखंडता कायम है। सैनिकों के प्रति आजम का बयान मन को आघात पहुंचाने वाला है। ऐसे बयान सेना का मनोबल गिराते हैं। आकाश सक्सेना की तहरीर पर 30 जून 2017 को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने अपनी जांच में उस बयान की सीडी साक्ष्य के लिए प्राप्त की थी। इसके बाद सीडी को लखनऊ प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच में पुष्टि हुई कि सीडी में आवाज आजम खान की ही है। इस पर पुलिस ने मुकदमे में पूर्व मंत्री को आरोपित मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट लगा दी थी। वहीं धारा 153 ए लगी होने के चलते मुकदमा चलाने के लिए योगी सरकार से अनुमति मांगी गई थी। पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि सरकार ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
यह था पूरा मामला
आजम का विवादित बयान अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा पर नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले को लेकर था। महिला नक्सलियों ने हमले में शहीद हुए सैनिकों के गुप्तांग काट लिए थे। इसके बाद सपा विधायक आजम खान अपने गृहनगर रामपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वह पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने केंद्र और राज्य सरकार पर अपनी भड़ास निकाल रहे थे, लेकिन इसी बीच आजम की जुबान बहक गई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और मिजोरम जैसे राज्यों में महिलाओं ने फौजियों से रेप का बदला लिया है। जवानों के जिस्म के जिस हिस्से से महिलाओं को दिक्कत थी, वे उस हिस्से तक को काट ले गईं।