
Bevi ki kasam assembly moradabad water mission controversy: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मंगलवार का सत्र उस समय गरमा गया, जब मुरादाबाद जिले के बिलारी से सपा विधायक हाजी फहीम इरफान ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में अधूरे काम, गिरती टंकियां और पानी की सप्लाई न होने से लोग परेशान हैं। विधायक के अनुसार, पानी न मिलने से ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है।
सपा विधायक के आरोपों का जवाब देते हुए प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक को चुनौती देते हुए कहा- "बीवी की कसम खाइए कि आपके गांव में पानी नहीं आ रहा है।" यह बयान सुनते ही सदन में शोर-शराबा मच गया और माहौल गर्म हो गया। देखते ही देखते यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां 'बीवी की कसम' सियासी तकरार का नया मुद्दा बन गया।
विधायक फहीम इरफान ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के कई गांवों में काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत एक लाख 93 हजार 500 किलोमीटर सड़कों को पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा गया, लेकिन अधिकांश जगह ठेकेदारों ने सड़कों को सही नहीं कराया। इसके विपरीत, सरकार दावा कर रही है कि एक लाख 90 हजार किलोमीटर सड़कों की मरम्मत हो चुकी है, जो कि जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता।
मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा- "मंत्री जी, यह केवल मेरे गांव का मामला नहीं है। आप पश्चिमी यूपी का कोई भी जिला चुन लें, वहां आपको सड़कें टूटी हुई मिलेंगी और कई गांवों में पानी की सप्लाई भी नहीं होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में उनका आरोप गलत साबित हुआ तो वह न केवल "बीवी की कसम" बल्कि विधानसभा से इस्तीफा भी दे देंगे।
विधानसभा में हुई इस नोकझोंक का वीडियो कुछ ही देर में इंटरनेट मीडिया पर फैल गया। एक्स (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर यूजर्स ने मंत्री के "बीवी की कसम" वाले बयान पर जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा- "क्या अब विधानसभा में सवाल पूछने के लिए भी विधायक को अपनी बीवी की कसम खानी पड़ेगी?" जबकि दूसरे ने चुटकी लेते हुए कहा- "मंत्री जी फिर खुद किसकी कसम खाकर जवाब देंगे?"