शुक्रवार 28 सितम्बर को देशभर के दवा कारोबारी हड़ताल पर जा रहे हैं। इसलिए जरुरी दवाईयां हैं वो आज ही खरीद लें या फिर उनका इंतजाम कर लें।
मुरादाबाद: कभी आरक्षण समर्थक तो कभी विरोधी तो अभी कुछ और इस साल लगातार अलग अलग तरीके से भारत बंद बुलाये गये। जिससे कहीं न कहीं आम लोगों को जरुर परेशानी हुई। इसी तर्ज पर शुक्रवार 28 सितम्बर को देशभर के दवा कारोबारी हड़ताल पर जा रहे हैं। इसलिए जो भी जरुरी दवाईयां हैं वो आज ही खरीद लें या फिर उनका इंतजाम कर लें। वरना आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
इस वजह से है बंद
देश भर के दवा कारोबारी ई फार्मेसी का विरोध कर रहे हैं। वे इस पर सरकार से ऐतराज भी जता चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई न होते देख एक दिन की हड़ताल का एलान कर दिया। जिसके लिए उन्होंने एक बार फिर भारत बंद का आह्वान किया है। मुरादाबाद ड्रग्स केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष साहित्य प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि सरकार एक्ट लागू करने की तैयारी में है। जिसका हम विरोध कर रहे हैं। इससे न सिर्फ दवा कारोबारियों बल्कि मरीजों को भी नुकसान होगा। इसलिए सभी केमिस्ट इसका विरोध कर रहे हैं। जिसमें थोक व् रिटेलर सभी तरह के मेडिकल व्यवसाई अपना कारोबार बंद रखेंगे।
बन रही रणनीति
यहां बता दें कि केमिस्ट अपनी हड़ताल को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से रणनीति बना रहे हैं। दुकानों पर केमिस्ट काला फीता भी बांधकर काम कर रहे हैं।
सरकार पर दबाब बनाने की कोशिश
यहां बता दें कि ये बंद इस महीने का तीसरा बंद है। पहले एससी एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण वर्ग के लोगों ने बंद का आह्वान किया था । फिर उसके बाद बढती महंगाई को लेकर विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आह्वान कर उसे सफल बनाया था। इन सभी मकसद केंद्र की मोदी सरकार पर दबाब बढ़ाना था। अब व्यापारी संगठनों का भारत बंद मोदी सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्यूंकि नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारी वर्ग वैसे भी केंद्र सरकार से खफा है। फिर इस तरह के कारोबारियों का भी नाराज होना भाजपा के लिए मुसीबत से कम नहीं है।