
जौहर यूनिवर्सिटी पर एसटी हसन का भावुक बयान
ST Hasan Appeals: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने जौहर विश्वविद्यालय को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को खड़ा करना आसान नहीं होता और आजम खान ने इस विश्वविद्यालय को बड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यदि संस्थान में कोई कमियां रही हैं तो उनका समाधान निकाला जाना चाहिए, लेकिन शिक्षा के इस केंद्र को समाप्त होने से बचाना जरूरी है।
एसटी हसन ने कहा कि इंसान हमेशा के लिए जीवित नहीं रहता, लेकिन उसके द्वारा बनाए गए संस्थान समाज की सेवा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान की सक्रिय सार्वजनिक जिंदगी चाहे जितनी भी रही हो, लेकिन जौहर विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों तक शिक्षा का केंद्र बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं और यह हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा कोई रास्ता निकाले जिससे विश्वविद्यालय भी सुरक्षित रहे और वहां पढ़ने वाले छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो। उनके अनुसार किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए निकाला जा सकता है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
एसटी हसन ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के संचालन में किसी प्रकार की त्रुटियां या कमियां रही हैं तो उनका समाधान तलाशा जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी संस्थान को पूरी तरह समाप्त कर देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए सभी पक्षों को सकारात्मक सोच के साथ आगे आना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
अपने बयान के दौरान एसटी हसन ने देश में सामाजिक सौहार्द का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार समाज में जो घटनाएं और तनाव पैदा करने वाली गतिविधियां हो रही हैं, उनके पीछे ऐसे तत्व हो सकते हैं जो देश की शांति और विकास नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों की गहन जांच करानी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि कहीं देश विरोधी शक्तियां समाज में अशांति फैलाने की कोशिश तो नहीं कर रही हैं।
एसटी हसन ने कहा कि शिक्षा संस्थान समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम होते हैं और इन्हें बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार, प्रशासन और संबंधित पक्ष मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे जिससे जौहर विश्वविद्यालय का अस्तित्व भी बना रहे और वहां अध्ययन कर रहे छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित रह सके।
Updated on:
16 Jul 2026 02:35 pm
Published on:
16 Jul 2026 02:35 pm
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