
रामगंगा का रौद्र रूप
Ramganga River Flood: मुरादाबाद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। नदी के उफान पर आने से विकासखंड मुंढापांडे क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में पानी आबादी और खेतों तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना बड़ी चुनौती बन गया है।
रामगंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़कों के ऊपर कई फीट तक पानी बह रहा है, जिसके चलते गांवों का संपर्क आसपास के कस्बों और शहरों से लगभग कट गया है। सड़कें डूबने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग जरूरी काम होने के बावजूद घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं।
बिकनपुर और वीरपुर बरियार गांव के बीच बने मुख्य पुल के आसपास स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। यहां सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है और तेज बहाव के कारण लोगों का निकलना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में यही हालात बनते हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
बाढ़ से बिकनपुर, वीरपुर बरियार, गोविंदपुर, मोहम्मदपुर, गतौरा, दौलतपुर, अमजदपुर समेत आसपास के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। गांवों के भीतर और संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए हालात और भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
सड़कों पर तेज बहाव और जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बाइकें बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिसके बाद लोगों को पानी के बीच वाहन धकेलकर निकालने पड़ रहे हैं। कई ग्रामीण मजबूरी में जान जोखिम में डालकर उफनते पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ का पानी अब खेतों तक पहुंच चुका है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सैकड़ों एकड़ में लगी धान, उड़द और गन्ने की फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
खेतों में पानी भर जाने के कारण पशुओं के लिए हरा चारा लाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजरते हुए चारा काटकर ला रहे हैं। कई स्थानों पर खेतों तक पहुंचना भी आसान नहीं रह गया है, जिससे पशुपालकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और राज्य सरकार से जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा नदी पर पक्का बांध बनाया जाए ताकि हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। इसके साथ ही बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। जिन रास्तों पर जलभराव है वहां सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Updated on:
14 Jul 2026 03:48 pm
Published on:
14 Jul 2026 03:48 pm
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