
भूपेंद्र सिंह चौधरी का विपक्ष पर हमला
Bhupendra Singh Chaudhary Statement: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का वर्षों से एक ही राजनीतिक एजेंडा रहा है, जिसमें हिंदू धर्म, सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं को अपमानित करने का प्रयास किया जाता रहा है। उनके मुताबिक इन दलों ने हमेशा समाज में हिंदू धर्म के प्रति अविश्वास पैदा करने की राजनीति की है और सनातन परंपरा को कमजोर करने की कोशिश की है।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो राम मंदिर निर्माण का विरोध उनके रवैये में साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालतों में लगातार प्रयास किए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि कारसेवकों पर गोली चलाने जैसी घटनाएं भी उसी दौर में हुईं, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि यह सब हिंदू समाज की भावनाओं के विपरीत था।
कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को स्वीकार करने से इंकार किया था। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताया गया था। उनके अनुसार यह करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम था और इसी कारण कांग्रेस की सोच पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने देश के साधु-संतों और शंकराचार्य से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा न बनें, जो सनातन परंपरा के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में अनास्था फैलाने वाले और सनातन विरोधी विचारों से सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिशों को पहचानना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल लगातार हिंदुओं, हिंदू परंपराओं, साधु-संतों, मठों और मंदिरों के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। उनके अनुसार यह केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में भ्रम और अविश्वास का वातावरण पैदा करने की कोशिश की जाती है।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अपने बयान में चंदे के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल हिंदू धार्मिक संस्थाओं के चंदे पर सवाल उठाते हैं, जबकि अन्य धार्मिक संस्थानों के चंदे का हिसाब नहीं मांगते। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है और प्रारंभिक जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार धार्मिक आस्थाओं के सम्मान और कानून के अनुसार कार्रवाई दोनों को समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
Updated on:
09 Jul 2026 03:37 pm
Published on:
09 Jul 2026 03:37 pm
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