नशा मुक्त भारत बनाने के लिए देश भर में तमाम सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं लोगों को नशे की लत से आजाद करने का काम कर रही हैं।
रामपुर। नशा मुक्त भारत बनाने के लिए देश भर में तमाम सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं लोगों को नशे की लत से आजाद करने का काम कर रही है। बावजूद इसके वर्तमान में युवाओं में नशे की लत कम होती नहीं दिख रही है। वहीं इस नशे की लत पर अगर परिवार का कोई सदस्य एक्शन लेता है तो युवा अपना जीवन ही दांव पर लगाकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने से भी गुरेज नहीं रखते।
ताजा मामला रामपुर जिले की कोतवाली सिविल लाइन के आसरा आवास कालोनी का है। जहां पर एक पिता ने अपने पुत्र को नशे की लत से दूर रहने को लेकर डांट लगा दी। जिससे नाराज युवक ने तुरंत अपने कमरे में जाकर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। वहीं युवक की फांसी लगाने की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करना चाहा लेकिन परिजन उसका विरोध करने लगे। जिसको लेकर पुलिस बैकफुट पर आ गई।
बताया गया कि सहनाबाज नाम का युवक अपने कई साथियों के साथ बीते तीन वर्षों से नशे की लत में पड़ गया था। जिसको लेकर शहनाबाज़ के पिता लगातार उसे समझाते। लेकिन बेटा मानने को तैयार नहीं था। जिसको लेकर शनिवार को सईद ने अपने बेटे शहनाबाज़ को डांट दिया। बेटा पिता की डांट बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने अपने कमरे में खुद को फांसी लगा ली।
जब सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों ने बेटे का पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने यह लिखित रुप में सौंपा। कोतवाली सिविल लाइन ने बताया कि परिजन नहीं चाहते है कि उनके बेटे की लाश का पीएम हो। इसके लिए वह हमसे मांग कर रहें हैं कि किसी तरह की कार्रवाई न हो।