
मुरादाबाद: सूबे में सरकार भले ही सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने को लेकर कितनी ही गंभीर क्यों न हो लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जी हां कुछ ऐसा ही मामला जनपद के मूंडापाण्डेय ब्लाक में सामने आया है। यहां मछरिया गांव में सरकारी प्राइमरी स्कूल को गांव में ही कुछ लोगों ने तबेला बना दिया है। यहां अपनी भैंस और बकरियां बांध दी हैं। यही नहीं कमरों में भी उपले और गोबर भर दिया है। चूंकि इस समय स्कूल गर्मियों की छुट्टियों के चलते बंद हैं। इसलिए ये काम बेरोकटोक जारी है। जब पत्रिका ने इस सम्बन्ध में बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार से बात की तो उन्होंने जांच कर कार्यवाही की बात कही है।
बरामदे में भैंस और बकरियां बांध दी
दरअसल मई मध्य से सभी सरकार व गैर सरकारी स्कूल में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। स्थानीय अधिकारीयों और शिक्षकों की हीलाहवाली से शिक्षा व्यवस्था वैसे ही खस्ताहाल है। अब लोग शिक्षा के मंदिर को भी बदहाल करने से बाज नहीं आ रहे। मछरिया गांव में स्कूल की तस्वीर देख कर आप चौंक जायेंगे। कि यहां बच्चे बैठकर पढ़ते भी हैं। स्कूल के बरामदे में भैंस और बच्चों के शौचालय के बाहर ग्रामीणों ने अपनी बकरियां बांध दी हैं। यही नहीं स्कूल के कमरों में गोबर और उपले भर दिए हैं। लगभग सभी कमरों में गंदगी का अम्बार भर दिया है। ये हाल तब है जब स्वस्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालात देखकर नहीं लगता कि स्कूल खुलने के बाद कई दिनों तक बच्चे बैठकर पढ़ पायेंगे।
बीएसए बोले की होगी कार्यवाही
वहीँ जब हमने बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा गया है। जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। लेकिन एक सवाल अभी भी ये बड़ा है कि विद्यालय में इस कदर ग्रामीण गंदगी फैला रहे हैं,तो इसकी जानकरी स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को क्यों नहीं है। ग्रामीणों को इस हरकत से रोका क्यों नहीं जा रहा। जबकि स्कूल की बाउंड्री क्यों नहीं बनवाई गयी। ये भी बड़ा सवाल है।