नाराज किसानों ने गन्ना भवन के अधिकारीयों को भी अपने साथ धरने पर बैठा लिया। कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखने की बात कहकर समझाया गया।
मुरादाबाद: आज दोपहर सिविल लाइन स्थित गन्ना भवन में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब गन्ना भुगतान व गन्ना किसानों की कई लंबित मांगों को लेकर किसानों ने गन्ना आयुक्त भवन घेर लिया। यही नहीं नाराज किसानों ने गन्ना भवन के अधिकारीयों को भी अपने साथ धरने पर बैठा लिया। बमुश्किल गन्ना उपायुक्त के समझाने के बाद किसानों को कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखने की बात कहकर समझाया गया।
गन्ना कार्यालय में की पंचायत
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज गन्ने का पूर्ण रूप से भुगतान ना होने से नाराज किसानों ने गन्ना भवन के मंडलीय कार्यलय के बाहर गन्ने की होली जलाकर किसान कर्यालय में अंदर घुस गए और अंदर ही धरने पर बैठकर पंचायत करने लगे। शोर सुनकर उप गन्ना आयुक्त ने किसानों ने बात करने की कोशिश की तो उनको भी अपने साथ बैठा लिया। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष ने कहा कि भले ही जिले में किसनो के गन्ने का भुगतान बहुत माध्यम गति से हो राह है अगवानपुर की दिवान शुगर मिल का भुगतान मात्र 47 प्रतिशत हुआ है। चीनी मिलों की चीनी बिक्री के मानक कम होने की वजह से भी चीनी की बिक्री कम हो रही है जिसकी वजह से भुगतान में देरी हो रही है ,ऐसी चीनी मिलों के मानक बढ़ाये जाए जिससे किसानों को उनका बकाया भुगतान शीघ्र हो सके। सरकार ने जो किसानों को लेकर अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे उनको जल्द से जल्द पूरा करे।
ये रिपोर्ट लागू करने की मांग की
भाकियू के मंडल अध्यक्ष ने बताया कि जहा सरकार ने कहा था कि अगर केंद्र में हमारी सरकार बनती है तो हम तुरन्त स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करेंगे लेकिन सरकार ने ऐसा नही किया सरकार यह रिपोर्ट की बात करके रह गयी और गन्ने तक का भुगतान नही कर पाई है किसान बहुत परेशान है किसान की स्थिति इस समय बहुत दयनीय है।
इतने प्रतिशत भुगतान का दावा
उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के अन्य मंडलो के मुकाबले मुरादाबाद मंडल में किसानों के गन्ने का 75 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। कुछ चीनी मिलों का भुगतान बहुत सुस्त चल रहा है जिसमे दिवान शुगर मिल से अभी तक 47 प्रतिशत भुगतान हुआ है। चीनी मिलों का चीनी बिक्री करने का कोटा निर्धारित कर दिया गया है। चीनी मिलों से अब जो भी चीनी की बिक्री की जाएगी उसका 85 प्रतिशत मूल्य हम रखेगे ओर 15 प्रतिशत चीनी मील जिससे किसानों का भुगतान तुरंत हो जाएगा। अभी तक 5254 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और 1706 करोड़ रुपये का भुगतान अभी किया जाना शेष है। किसान अपनी बात रखने के लिए सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पर जा कर मंडल आयुक्त के सामने अपनी बात रखेगे।