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सपा सांसद रुचि वीरा ने RSS को बताया ‘नासूर’: मुरादाबाद से उठी सियासी चिंगारी, बयान से मचा हड़कंप

Moradabad Ruchi Veera: मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर विवादित बयान देते हुए उसे देश के लिए 'नासूर' बताया है।

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sp mp ruchi veera on rss ban and passport row

सपा सांसद रुचि वीरा ने RSS को बताया 'नासूर' | Image - FB/@ruchivirabij

Ruchi Veera RSS Statement News: मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार सांसद रुचि वीरा ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाने पर लेते हुए उसे देश के लिए 'नासूर' करार दिया। रुचि वीरा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इस संगठन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग उठा दी है। उनके इस बयान के बाद भाजपा और विपक्षी खेमे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

आरएसएस की भूमिका पर गंभीर आरोप

सिविल लाइंस स्थित अपने निजी आवास पर मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए रुचि वीरा ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा और उसकी नीतियां देश के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े लोग लगातार एक विशेष समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका सीधा असर देश के सामाजिक संतुलन और आपसी भाईचारे पर पड़ रहा है। सांसद के मुताबिक, यह नफरत की राजनीति देश के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

जनता के पैसे की बर्बादी

सांसद वीरा ने संगठन के आर्थिक पहलुओं पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के आयोजनों, रैलियों और सभाओं में जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ करोड़ों रुपये इन कार्यक्रमों पर पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, वहीं उस धन का उपयोग बेहतर अस्पताल, अत्याधुनिक कॉलेज और बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में क्यों नहीं किया जाता? उनके अनुसार, संसाधनों का यह भटकाव देश की प्रगति में बाधक है।

आजम खान और असम के मुख्यमंत्री का जिक्र

कानूनी कार्रवाई में 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाते हुए रुचि वीरा ने एक गंभीर तुलनात्मक मुद्दा छेड़ा। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बेटे को दो पासपोर्ट रखने के आरोप में सजा दी जा सकती है, तो असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगे तीन पासपोर्ट रखने के आरोपों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दावों का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कानून की नजर में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

चुनाव आयोग भी कटघरे में

अपने संबोधन के अंतिम चरण में रुचि वीरा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लोकतंत्र के लिए इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान पूरी जिम्मेदारी आयोग की होती है, इसके बावजूद लगातार एकतरफा कार्रवाइयां देखने को मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी निष्पक्ष भूमिका निभाने में विफल साबित हो रहा है, जिससे आम जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं से भरोसा कम हो रहा है।

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