
मुरादाबाद में शिकायतों के बाद जूना अखाड़े ने की महंतों की छुट्टी..
Mahant Removed Juna Akhada: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित ऐतिहासिक सिद्धपीठ काली माता मंदिर में पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गया है। जूना अखाड़े ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर के वर्तमान महंत सज्जन गिरी और राम गिरी को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
यह कदम मंदिर प्रबंधन और संतों के व्यवहार को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। अखाड़े के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हटाए गए दोनों संतों को अब प्रयागराज के किसी अन्य मठ में सेवा के लिए भेजा जाएगा, ताकि मंदिर की व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।
इस पूरे मामले को लेकर जूना अखाड़े के प्रवक्ता श्री नारायण गिरी महाराज बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जिलाधिकारी अनुज सिंह से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ अखाड़े की मंत्री कंचन गिरी महाराज और पदाधिकारी देवेंद्र पुरी महाराज भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को मंदिर के आंतरिक बदलावों की जानकारी देना और भविष्य में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचना था। नारायण गिरी महाराज ने जिलाधिकारी को स्पष्ट किया कि यह अखाड़े का आंतरिक निर्णय है, जिसे मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है।
प्रवक्ता नारायण गिरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि काली माता मंदिर जूना अखाड़े के सीधे नियंत्रण में आता है। पिछले कुछ समय से महंतों के आचरण और व्यवहार को लेकर जनता में काफी रोष था। इस स्थिति को देखते हुए अखाड़े ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था।
इस दल ने स्थानीय लोगों, भक्तों और संबंधित महंतों, दोनों पक्षों की बात सुनी। गहन समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि विवाद को समाप्त करने और जनविश्वास बहाल करने का एकमात्र रास्ता नेतृत्व परिवर्तन ही है। अखाड़े ने मौखिक रूप से प्रशासन को सूचित कर दिया है और अगले 3-4 दिनों में लिखित कार्रवाई भी पूरी कर ली जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सीओ कोतवाली और इंस्पेक्टर मुगलपुरा की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट पहुंचे संतों ने पुष्टि की कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का तनाव नहीं है। अखाड़े ने घोषणा की है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर काली माता मंदिर के लिए एक नए, योग्य और सेवाभावी महंत की नियुक्ति कर दी जाएगी। नए महंत का चयन अखाड़े की परंपराओं और मंदिर की सेवा की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था को एक नई दिशा मिल सके।
Updated on:
08 Apr 2026 05:39 pm
Published on:
08 Apr 2026 05:39 pm
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