चन्द्र ग्रहण 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन इस बार चन्द्र ग्रहण पड़ रहा है। जोकि इस सदी का सबसे बड़ा चन्द्र ग्रहण है।
मुरादाबाद: इस सदी का सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण 27 जुलाई को पड़ने जा रहा है। ज्योतिषी विज्ञानियों में और आम लोगों में इस ग्रहण को लेकर तरह तरह की उत्सुकता है। खासकर हिन्दू धर्म में ग्रहण के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव को लेकर लोग ज्यादा जिज्ञासु रहते हैं। इसी के तहत ही टीम पत्रिका ने महानगर के वरिष्ठ ज्योतिषी पंकज वशिष्ठ से चन्द्र ग्रहण को लेकर चर्चा की। जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
लगभग चार घंटे तक रहेगा ग्रहण
ज्योतिष पंकज वशिष्ठ के मुताबिक चन्द्र ग्रहण 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन इस बार चन्द्र ग्रहण पड़ रहा है। जोकि इस सदी का सबसे बड़ा चन्द्र ग्रहण है। ये रात 11 बजकर 54 मिनट से 3 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। लगभग चार घंटे तक रहेगा। चूंकि भारत में इस समय रात्रि होती है तो इसका प्रभाव इस तरह का नहीं है जिसमें सामान्य सावधानियां रखनी पड़ती हैं।
ये समस्याएं आ सकती हैं
उन्होंने बताया कि इस चंद्रग्रहण को हलके में न लें,क्यूंकि गुरु पूर्णिमा भी इसी दिन है। ऐसा संयोग कम ही बनता है। इसीलिए इसका प्रभाव नकरातमक माना जाता है। ज्योतिष में ऐसी मान्यता है कि इससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात,भूस्खलन, बाढ़ आदि जैसी समस्याएं आ सकती हैं। हिंसा व समाज में अशांति फैलने की सम्भावना भी है। यही नहीं उन्होंने बताया कि इसका राजनीति पर भी इसका दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है। देश में राजनैतिक अस्थिरता की सम्भावना भी बढ़ने की संभावना है। यानि सधे शब्दों में राजनितिक उठापटक भी हो सकती है।
इन राशियों को करना होगा ये
इसके साथ ही उन्होंने राशियों के जातक के हिसाब से बताया कि मेष, मिथुन,तुला और कुम्भ राशि वाले ग्रहण काल में जल भरकर और उसमें चावल डालकर गायत्री मन्त्र का जप करें। ग्रहण का प्रभाव कम होगा। साथ ही भाग्योदय भी होगा।
यह मन्त्र कष्ट हरेगा
वृष.सिंह,कन्या और मीन राशि वाले जातक नदी के किनारे या घर में बर्तन में गंगा जल लेकर ॐ नमः शिवाय का जप करें। शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
इस बर्तन में लें जल
कर्क,वृश्चिक,धनु और मकर राशि वाले जातक पीतल के बर्तन में जल लेकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र का जप करें।लाभ मिलेगा।