मुख्यमंत्री ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं साथ ही दलित महिला प्रधान के घर भोजन भी किया।
अमरोहा: सूबे का हाल जानने निकले मुक्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल कुशीनगर हादसे के चलते अमरोहा में साढ़े पांच घंटा देरी से पहुंचे। उन्होंने सुबह की समीक्षा बैठक निरस्त करने के साथ सीधे हसनपुर पहुंचे और यहां जनसभा को संबोधित किया। उसके बाद मुख्यमंत्री ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं साथ ही सरकार उनके लिए कौन कौन से योजनायें चला रही है,ये भी बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दलित महिला प्रधान के घर भोजन भी किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैदनगली गांव में पहुंच कर चौपाल लगायी और सीधे सीधे गांव की जनता से रूबरू होकर देशी अंदाज में गांव वासियो से संवाद किया। जनता के बीच मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी जाना कि किन किन लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जिन लोगो को योजनाओं का लाभ नही मिला है। उनके लिए योगी ने सीएमओ, समाज कल्याण अधिकारी एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी को मंच पर बुलाया और निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कैंप लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दें।
इस दौरान उन्होंने कहा की पूर्व की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ भेदभाव किया। उनकी सरकार का मकसद सबका साथ सबका विकास है। कुछ लोग इसे दूसरी तरह से देख रहिब है। लेकिन उनके लिए गांव और गरीब महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके बीच पहुंचकर विकास कार्यों की हकीकत और सरकार की योजनाओं की जानकारी ली जा रही है।
दरसल मेहंदीपुर गांव में ज्यादा तर जनसंख्या अनुसूचित जाति के लोगो की है। इसके अलावा यहां मुस्लिम आबादी भी है। इसलिए भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए इस गांव को चयनित किया गया। साथ ही विपक्षियों में भी ये सन्देश दिया गया कि वे भाजपा को दलित और मुस्लिम विरोधी बताते रहे हैं। गांव में विकास कार्य न के बराबर ही हुए थे। न ही सड़कें ठीक थीं और न नालियां यही,लेकिन बीते एक सप्ताह में इतना काम हो गया जोकि कई सालों में नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री ने महिला प्रधान प्रियंका के घर खाना खाया और खाने की तारीफ भी की। इसके साथ ही उसके पूरे परिवार के साथ फोटो भी खिंचवाया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारीयों से गांव में जो भी अधूरे काम हैं उन्हें जल्द पूरे करवाने के निर्देश दिए।