मौलाना रईस अशर्फी ने बताया कि इस्लामिक सिद्धांत के मुताबिक जो जानवर हलाल हैं सिर्फ उन्ही की कुर्बानी देनी है।
मुरादाबाद: ईदुज्जुहा जिसे बकरीद भी कहते हैं,ये पर्व पूरे देश में बुधवार को मनाया जाएगा। जिसको लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रहीं हैं। इस दिन ईदगाह में नमाज के बाद जानवरों की कुर्बानी देने की प्रथा है। लेकिन इस बार योगी सरकार ने गौ वंशीय पशुओं के साथ ऊंट की कुर्बानी पर भी रोक लगा दी है। इस मुद्दे को लेकर टीम पत्रिका ने ईद पर दी जाने वाली कुर्बानी को लेकर जिला इमाम मौलाना रईस अशर्फी से चर्चा की। जिसमें उन्होंने रिवाज से लेकर किस जानवर की कुर्बानी दी जाए इसके बारे में विस्तार से मनाया।
इन जानवरों की कुर्बानी क़ुबूल
मौलाना रईस अशर्फी ने बताया कि इस्लामिक सिद्धांत के मुताबिक जो जानवर हलाल हैं सिर्फ उन्ही की कुर्बानी देनी है। सिर्फ चार पैर वाले जानवरों की कुर्बानी क़ुबूल है। इनमें बकरा,भेड़,ऊंट,भैंस आदि। लेकिन पिछले कुछ सालों में कई पशुओं पर कुर्बानी देने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया। खासकर गौ वंशीय पशुओं पर। योगी सरकार ने पूरी तरह गाय और बैल की कुर्बानी प्रतिबंधित कर दी है। यही नहीं ऊंट को लेकर भी कुर्बानी न करने की सलाह दी गयी है। जिस पर मौलाना रईस अशर्फी के मुताबिक अगर हमारी सरकार जिस चीज को मनाही कर रही है उसकी कुर्बानी नहीं देनी चाहिए।
ऐसे जानवरों की न दें कुर्बानी
इसके अलावा उन्होंने कहा कि कुर्बानी का जानवर तंदुरुस्त हो,दिखने में खूबसूरत हो ऐसे ही जानवर की कुर्बानी दी जाए। वहीँ बीमार,लंगड़ा, कटा फटा जानवर की कुर्बानी क़ुबूल नहीं होगी। जबकि गाय देने वाली भैंस या गाय जिसका बछड़ा या बच्चा छोटा है उसका दूध पीता है उसकी कुर्बानी से बचना चाहिए।साथ ही उन्होंने कोई भी नयी परमपरा नहीं डालने की अपील भी नागरिकों से की और कहा अमन और चैन से पर्व मनाएं।
तैयारियां मुकम्मल
यहां बता दें कि मुरादाबाद में बकरीद की तैयारियां पूरी हो गयीं हैं। ईदगाह में नमाज के लिए सुरक्षा वय्स्व्था बढ़ा दी गयी है। नगर निगम कर्मियों ने ईदगाह को पूरी तरह साफ़ कर वहां नमाजियों के लिए सफें बिछा दी हैं। इसके साथ ही कल सुबह नमाज के वक्त रामपुर रोड पर वाहनों की आवाजाही 12 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस के साथ पीएसी व रैपिड एक्शन फ़ोर्स भी तैनात रहेगी।