भारतीय सेना ने आजम खान यूनिवर्सिटी को T-55 टैंक गिफ्ट में दिया है।
रामपुर। समाजवादी पार्टी नेता आजम आन के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जोहर यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना ने बुधवार को टी-55 टैंक उपहार स्वरूप दिया। इस कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल हरीश ठुकराल भी शरीक हुए। कार्यक्रम के दौरान हरीश ठुकराल ने इस टैंक की खासियत लोगों को बताई। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि T-55 टैंक की खरीददारी साल 1968 में रूस से हुई थी। पाकिस्तान से साल 1971 में जब युद्ध हुआ तो इस टैंक को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि इस टैंक का वजन 36 टन है और इसमें 7.62 एमएम की दो बंदूकें, 2.77 एमएम की एंटी एयरक्राफ्ट गन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि टैंक में चार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। साथ ही इस टैंक में नाइटविजन होने से रात में भी कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हथियार है और इसे देश के हीरो चलाते हैं।
आजम ने विरोधियों पर साधा निशाना
वहीं, इस मौके पर आजम खान ने अपने विरोधियों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा। सपा नेता ने कहा कि हम सुपर पावर को मानते हैं। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सुप्रीम ताकत को नही मानते हैं। मालिक उन पर रहम करें। उन्होंने कहा कि नफरत का बीज बोने बाले यह भूल रहें हैं कि जब नफ़रत का बीज उग आएगा तब यह एक बड़ा दरख़्त बन जाएगा। जिससे बड़ा नुकसान होगा। आजम खान ने कहा कि हम चाहते हैं कि देश में प्यार मोहब्बत बढ़े इसके अलावा ओर कोई रास्ता भी नहीं है। आज़म खान ने कहा कि कुछ लोगों ने तो अब भरोसा ही खत्म कर दिया है। रिश्तों का भरोसा भी खत्म कर दिया और जब रिश्तों का भरोसा खत्म हो जाय तो रिश्तों का मतलब ही कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि सियासत के कुछ लोग हिंदुस्तान की दूसरी बड़ी आबादी को मुजरिम करार देना चाहते हैं। यह आज के लिए बड़ा सवाल है, जिसका जवाब हमारी आने वाली सरकारों को देना होगा।
आजम खान ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो हज कमेटी के अध्य्क्ष हैं। वो हमें मीटिंग तक में नहीं बुलाते हैं। इतना ही नहीं इसके बारे में हमें कोई जानकारी तक नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि इस विषय को मैने गंभीरता से लेते हुए सरकार के सचिव को एक पत्र लिखा है। हमने पत्र में उनसे पूछा है कि जब से उत्तर प्रदेश सरकार बदली है तब से अब तक कई मीटिंग भी हुई, लेकिन हमें बुलाया ही नहीं गया। आखिर हमसे इतनी नफरत क्यों है? इस मौके पर आजम खान की पत्नी, बेटा और कई करीबी मौजूद रहे।