रेल अधिकारीयों से बातचीत के बाद अब 78 दिनों के बोनस पर सहमती बन गयी है। जिसके बाद रेल कर्मचारियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है।
मुरादाबाद: दिवाली से पहले रेलवे ने अपने कर्मचारियों को बोनस का तोहफा दिया है। कर्मचारी संगठन इस बार 80 दिनों के बोनस की मांग कर रहे थे लेकिन रेल अधिकारीयों से बातचीत के बाद अब 78 दिनों के बोनस पर सहमती बन गयी है। जिसके बाद रेल कर्मचारियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है। वहीँ रेलवे के इस फैसले का रेल कर्मचारी यूनियन ने भी स्वागत किया है। उनके मुताबिक रेल कर्मचारियों की मेहनत का फल उन्हें मिलना चाहिए। रेलवे देश का सबसे बड़ा कर्मचारी सरकारी संगठन है। और हर साल त्योहारों पर अपने कर्मचारियों को वेतन का तोहफा देता है। कर्मचारी संगठन लगातार बोनस बढाने की मांग अलग अलग तरह से करते रहे हैं। लेकिन आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों को खुश करने के सभी इंतजाम कर लिए हैं।
इन कर्मियों को मिलेगा बोनस
बोनस रेलवे बोर्ड के क्लास थ्री व फोर कर्मचारियों को मिलेगा। बोनस का रुपया सप्लीमेंट्री बिल पास करके एक ही दिन में सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में डाल दिए जाएंगे। यहां बता दें कि इसमें रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया जाता है।
इतनी हुई है कमाई
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव एम रघुवाया ने बताया कि रेलवे ने पिछले साल की तुलना में इस बार 16,000 करोड़ रुपए कमाए हैं। जो कि ज्यादा है। इसके अलावा करीब 1161 करोड़ टन की माल ढुलाई से भी आमदनी हुई है। उन्होंने कहा कि हमने 80 दिन के बोनस की मांग की थी लेकिन अंत में हम 78 दिन पर राजी हो गए। बोनस से रेलवे पर 2,000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि हर साल राज्य और केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को दीवाली बोनस देती है।
इस तरह की थी डिमांड
वहीँ उधर स्थानीय आल इंडिया ओबीसी रेलवे एम्प्लोई यूनियन के स्टेशन शाखा के सचिव जितेन्द्र ने कहा कि कर्मचारी संगठनों ने बोनस पर लगी सीलिंग हटाने की मांग की थी। उसे नहीं हटाया गया पूर्व की तरह ही 78 दिन का बोनस दिया गया है। अगर मौजूदा स्लैब से देते तो कर्मचारियों का ज्यादा फायदा होता।