मुरादाबाद

INVESTOR SUMMIT 2018: मुरादाबाद के पीतल उद्योग के दिन बदलने की उम्मीद, भेजा गया 374 करोड़ का प्रपोजल

दो हज़ार से अधिक निर्यातक इकाइयां हैं। जो मौजूदा समय मे 7 हज़ार करोड़ का निर्यात करती है।
2 min read
moradabad

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में उद्योगों और रोजगार को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश की राजधानी लखनऊ 21 से 22 फरबरी के बीच इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। इस इन्वेस्टर समिट में जहां प्रदेश के दूसरे जनपद भाग लेंगे तो वहीँ पीतल नगरी के नाम से देश दुनिया मे मशहूर मुरादाबाद भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। इस समिट में मुरादाबाद ने 374 करोड़ के प्रपोजल साइन कर उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दिये है। जिस पर सहमती मिलने के बाद इस उद्योग के दिन बदलने की उम्मीद स्थानीय अधिकारी और कारोबारी कर रहे हैं।

यहां आपको ये भी बता दे की मुरादाबाद प्रदेश हैंडीक्राफ्ट के सबसे बड़ा क्षेत्र है। इतना ही नही मुरादाबाद में दो हज़ार से अधिक निर्यातक इकाइयां हैं। जो मौजूदा समय मे
7 हज़ार करोड़ का निर्यात करती है, साथ ही मुरादाबाद के पास 10 हज़ार करोड़ की डोमेस्टिक मार्केट भी है।

उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान का कहना है कि 374 करोड़ के प्रपोजल सरकार को भेज गये है। इसके अतिरिक्त अन्य लोगो भी यहां निवेश करने की इच्छा जता रहे हैं। जिनको पॉलिसी आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है ।

अब पीतल कारोबारी अब उम्मीद जता रहे है कि इन्वेस्टर्स समिट से न सिर्फ मुरादाबाद से पीतल का निर्यात बढ़ेगा ,बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं विकसित होने के साथ ही साथ रोजगार भी बढेगा। यह समिट एक नया इतिहास और कीर्तिमान स्थापित करेगा।

एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी के बाद मुरादाबाद के पीतल उद्योग पिछले काफी समय से मंदी से जूझ रहा है। इस कारण तीन लाख साठ हजार पीतल दस्तकार बेरोजगार हो गए। वो या तो ओई और धंधा कर रहे हैं मजदूरी के लिए पलायन कर गए हैं। बजट से भी पीतल नगरी को कुछ ख़ास नहीं मिला था। अब इन्वेस्टर समिट से ही यहां के पीतल कारखाने दारों और निर्यातकों में उम्मीद कि किरण जगी है।

Published on:
20 Feb 2018 04:14 pm