Highlights -शहर के आधा दर्जन स्कूल में बनाए गए हैं शेल्टर होम -बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां लॉक डाउन के चलते रोके गए हैं -खान-पान के साथ मजदूरों को योगाभ्यास भी कराया जा रहा है -व्यवस्थाओं से खुश मजदूर अब कोरोना से लड़ना भी सीख रहे
मुरादाबाद: कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश भर में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया था। जिसके बाद अचानक हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अलग-अलग शहरों से अपने मूल जनपद और गांव के लिए कोई साधन न मिलने पर पैदल ही निकल पड़े थे। सरकार ने स्थिति देख सभी मजदूरों को जिन जनपदों में वहां शेल्टर होम बनाकर उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम करने के निर्देश दिए। जिसके बाद शहर में चार स्कूल में ऐसे मजदूरों का इंतजाम किया गया। वहीँ इस दौरान इन मजदूरों और फंसे हुए लोगों में अकेले रहने के साथ तनाव न हो इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा उनके खाने-पीने के इंतजाम के साथ और भी कई तरीके से सहूलियत दी गयी है। जिसमें गांधी नगर पब्लिक स्कूल स्थित शेल्टर होम में इन प्रवासी मजदूरों को योगाभ्यास भी कराया जा रहा है।
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सिखाया जा रहा है योग
योग गुरु ऋतू नारंग इन सभी मजदूरों को कोरोना से कैसे बचें रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व समझाया। खुद मजदूर भी रूटीन से हटकर प्रशासन की इस कोशिश से खुश नजर आये। उनके मुताबिक उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम तो है ही अब हम साफ-सफाई का महत्व भी समझ रहे हैं। ताकि भविष्य में कहीं इस बीमारी का शिकार न बन पायें। अपने घर न पहुंच पाने का थोडा अफ़सोस तो है, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन के इंतजामों से ये सभी खुश हैं।
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कई स्कूल में रुके हुए
शहर के कई स्कूल में प्रवासी मजदूर इस समय रह रहे हैं, इनमें ज्यादातर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा इनके रहने और खाने पीने की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। यही नहीं खुद डीएम-एसएसपी भी औचक निरीक्षण कर इन सभी का हालचाल लेते हैं। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करा कुछ के सैम्पल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। लेकिन अभी तक किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।