
Moradabad Leopard Attack: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में तेंदुए के लगातार हमलों ने ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के बाहपुर बलिया गांव में तेंदुए के हमले से एक और ग्रामीण की मौत हो गई। इस बार आदमखोर तेंदुए ने खेत या जंगल के आसपास किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया, बल्कि घर में सो रहे 40 वर्षीय किसान जगराज सिंह को चारपाई से उठाकर बाहर ले गया।
बताया गया कि जगराज सिंह रात के समय अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान तेंदुआ दबे पांव घर के भीतर पहुंचा और सो रहे किसान पर हमला कर दिया। हमले के बाद तेंदुआ उन्हें घसीटते हुए घर से बाहर ले गया। अचानक हुई इस वारदात की भनक परिवार के लोगों को रात में नहीं लग सकी। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे, तो उन्हें जगराज सिंह का शव खेत में पड़ा दिखाई दिया।
सुबह खेत में किसान का क्षत-विक्षत शव मिलने की खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। शव की हालत देखकर लोगों में दहशत फैल गई और परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के लगातार हमलों के कारण अब गांव में सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खेतों में जाने वाले लोग पहले से ही डर के साए में थे, लेकिन घर के अंदर सो रहे व्यक्ति पर हमले ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
अब तक तेंदुए के हमलों का खतरा मुख्य रूप से खेतों और जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को माना जा रहा था, लेकिन बाहपुर बलिया की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। घर के भीतर घुसकर सो रहे किसान को उठा ले जाने की घटना ने ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आसपास के गांवों में लोग रात के समय घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं और दिन में भी खेतों की ओर जाने में डर महसूस कर रहे हैं।
बाहपुर बलिया के अलावा आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में भी तेंदुए की मौजूदगी को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि तेंदुआ कभी भी आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच सकता है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं। ग्रामीणों के बीच तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में तेंदुए के हमले से यह चौथी मौत है। अकेले बाहपुर बलिया गांव में ही तेंदुए के हमले में तीन लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले भी यह तेंदुआ क्षेत्र की तीन महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। लगातार हो रहे हमलों ने ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। इसके अलावा तेंदुए के सिलसिलेवार हमलों में करीब दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घायल होने की बात सामने आई है।
लगातार हमलों और मौतों के बावजूद तेंदुए के पकड़े नहीं जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। जगराज सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम से लोगों ने सवाल किए और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक इलाके के लोगों की जान पर खतरा बना रहेगा।
फिलहाल पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीमें इलाके में सक्रिय हैं। तेंदुए की तलाश के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। टीमों की कोशिश है कि तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। वहीं, ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लगातार बढ़ते खतरे के बीच गांवों में तेंदुए की तलाश और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने का अभियान जारी है।
जगराज सिंह की मौत के बाद बाहपुर बलिया और आसपास के गांवों में डर के साथ-साथ गुस्सा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तेंदुए को जल्द नहीं पकड़ा गया तो आने वाले दिनों में कोई और बड़ी घटना हो सकती है। घर में सो रहे किसान को उठाकर ले जाने की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। फिलहाल ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग यही है कि आदमखोर तेंदुए को जल्द पकड़कर लोगों को उसके आतंक से राहत दिलाई जाए।