Moradabad News: मुरादाबाद में जुड़वा बहन हिमशिखा की हत्या के आरोपी हार्दिक की जेल में पहली रात बेचैनी में गुजरी। वह बैरक के कोने में चुपचाप बैठा रहा, किसी से बात नहीं की और देर तक खाना भी नहीं खाया।
Twin Sister Murder Accused Moradabad:मुरादाबाद में अपनी जुड़वा बहन हिमशिखा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हार्दिक की जेल में पहली रात बेहद बेचैनी में गुजरी। जेल सूत्रों के अनुसार उसे 15 नंबर बैरक में रखा गया है, जहां पूरी रात वह ठीक से सो नहीं सका। बताया जा रहा है कि वह बैरक के एक कोने में चुपचाप बैठा रहा और किसी से कोई बातचीत नहीं की। उसके चेहरे पर गहरी मायूसी साफ दिखाई दे रही थी और वह मानसिक रूप से काफी परेशान नजर आ रहा था।
जेल प्रशासन के अनुसार शनिवार को जेल पहुंचने के बाद से ही हार्दिक का व्यवहार सामान्य नहीं दिखा। उसने पूरा दिन बिना खाना खाए गुजारा और बैरक के एक कोने में चुपचाप पड़ा रहा। रविवार को भी उसकी स्थिति लगभग वैसी ही बनी रही। वह बैरक से बाहर नहीं निकला और दिनभर खामोश बैठा रहा। बैरक में मौजूद अन्य कैदियों ने भी बताया कि वह किसी से बात करने से बच रहा था और अधिकतर समय सिर झुकाए बैठा रहा।
शनिवार रात उसने जेल का खाना भी नहीं खाया और किसी से बातचीत करने से भी इनकार कर दिया। जेल कर्मचारियों ने जब उससे हालचाल पूछने की कोशिश की तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार सुबह भी उसकी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिखा और वह बैरक के कोने में चुपचाप पड़ा रहा।
दिनभर खामोश रहने के बाद रविवार की शाम हार्दिक ने जेल का खाना खाया। हालांकि इसके बाद भी वह किसी से बातचीत करते नहीं देखा गया। जेल सूत्रों के मुताबिक वह अब भी मानसिक तनाव में दिखाई दे रहा है और ज्यादा समय अकेले ही बिताता है। उसके व्यवहार को देखते हुए जेल प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।
मुरादाबाद के बुद्धि विहार इलाके में हुई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। आरोप है कि पारिवारिक विवाद के चलते हार्दिक ने अपनी ही जुड़वा बहन हिमशिखा की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले को लेकर पुलिस जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
इस घटना में आरोपी की मां नीलिमा शर्मा भी घायल हो गई थीं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अनुसार उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल उनका घर पर ही इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।
जेल अधीक्षक आलोक कुमार सिंह के अनुसार बहन की हत्या के आरोपित हार्दिक के व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार से अब तक वह बेहद खामोश है और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा है। जेल प्रशासन उसकी गतिविधियों पर सामान्य निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।