मुरादाबाद

निकाय चुनाव: शाम पांच बजे तक हुआ इतना मतदान कि बढ़ गई प्रत्याशियों की धड़कनें

शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेयर पद के लिए मतदाताओं अधिक उत्साह देखने को मिला।

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मुरादाबाद। निकाय चुनाव में शाम 5 बजे तक लगभग 41% मतदान ने भाजपा और सपा ख़ेमे में हलचल पैदा कर दी है, तो वहीं कोंग्रेस पार्टी में ख़ुशी है। सुबहा 07:30 पर शुरू हुए मतदान में ही मतदाता बूथ पर बहुत कम ही नज़र आ रहे थे। सबसे पहले 9 बजे आए मत प्रतिशत ने ही मेयर उम्मीदवारों को संशय में डाल दिया था।

09 बजे तक 10% तक

11 बजे तक 17% तक

12 बजे तक 25% तक

01 बजे तक 30% तक

3 बजे तक 32% तक

4 बजे तक 35% तक मतदान से सभी के दिलों की धड़कन बढ़ गई थी,

6 लाख 23 हज़ार से अधिक वोट होने के बाद भी शाम 5 बजे तक 41% तक मतदान होने से अब हार जीत का अंतर ज़्यादा नहीं माना जा रहा है।

नगर निगम मुरादाबाद में 5 बजे तक कुल 41.82% वोटिंग हुई। पूरे जिले में कुल 48.46 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा जनपद के अन्य निकायों नगर पालिका बिलारी में 65.79, नगर पालिका ठाकुरद्वारा में 72.24, नगर पंचायत उमरी कलां में 74.57, कुंदरकी में 62.08, कांठ में 71.52, भोजपुर धर्मपुर में 70.36, अगवानपुर में 58.18, पाकबड़ा में 59.75 और ढकिया में 73.96 प्रतिशत मतदान हुआ।

शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेयर पद के लिए मतदाताओं में अधिकतर कांग्रेस के उम्मीदवार हाजी रिज़वान के लिये रुझान देखा गया, तो वहीं दूसरे इलाक़ों में भाजपा उम्मीदवार विनोद अग्रवाल के लिए भी मतदान हुआ, कुछ बूथों पर शिवसेना और भाजपा उम्मीदवारों के कार्यकर्ताओं में पड़ी आपस की रार ने भी भाजपा का वोट प्रतिशत कम किया है।

आप उम्मीदवार गुरविंदर सिंह को भी पहली बार चुनाव लड़ने पर अनुमानित वोट मिलने की संभावना है। बसपा उम्मीदवार लाखन सैनी को अनुमान से कम वोट मिलने के आसार हैं। तो वहीं सपा उम्मीदवार हाजी यूसुफ अंसारी और भाजपा उम्मीदवार की सीधी टक्कर मानी जा रही है।

महानगर के लोग 12 बजे तक सामने आए मत प्रतिशत को देख कर कांग्रेस और भाजपा की सीधी टक्कर मानने लगे थे। इससे साफ़ ज़ाहिर है सपा का अपने आरक्षित मिलने वाले वोट का प्रतिशत भी इस बार आधे आंकड़ों को भी मुश्किल से ही छू पाएगा, ये चर्चा भी आज गर्म है।

पार्षदों की बात करें तो इस बार पार्षद का चयन जनता सोच समझकर कर रही है। पार्षद का चुनाव व्यक्तित्व के आधार पर हो रहा है। इस बार किसी पार्टी या जाति के आधार पर बहुत ही कम पार्षदों को चुना जाएगा।

Published on:
29 Nov 2017 07:56 pm
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