
मुरादाबाद: बिजनौर में नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आज घोषित हो गए,जिसमें सपा गठबंधन के प्रत्याशी नैमुल हसन ने भाजपा उम्मीदवार अवनि सिंह पर 5662 मतों से जीत हासिल की। जिसके बाद सपाइयों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। इस जीत से भले ही सरकार पर कोई असर नहीं दिख रहा हो लेकिन लगातार गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव और फिर कैराना और नूरपुर उपचुनाव में जीत से भाजपा के खिलाफ सपा और विरोधी दलों ने माहौल जरुर खड़ा कर दिया है। इसका नजारा जनपद के चक्कर की मिल्क स्थित सपा कार्यालय पर भी नजर आया। सपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ मिठाई बांटकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया।
भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप
सपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल ने कहा कि ये जीत भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बड़ा सबक है। उसने केंद्र की सत्ता और प्रदेश की सत्ता में आने से पहले जो वादे किये थे,उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। लिहाजा अब जनता ने अपना जबाब देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार हर मोर्चे पर फेल हुई है। फिर चाहे वो कानून व्यवस्था हो, बेरोजगारी हो, अर्थव्यवस्था किसानों की खस्ता हालत हो। भाजपा ने हर वर्ग को निराश किया है। आने वाले आम चुनावों में भाजपा को हार के लिए तैयार हो जाना चाहिए।
ये भी है हार की वजह
यहां बता दें कि उत्तर प्रदेश में कैराना और नूरपुर में 28 मई को उपचुनाव हुआ था। वहीँ दोनों ही जगह कई पोलिग सेंटर पर ईवीएम की गड़बड़ी की वजह से दोबारा मतदान भी बुधवार को कराया गया। भाजपा को इन दोनों ही सीटों पर जीत की उम्मीद थी। क्यूंकि न सिर्फ सीएम योगी बल्कि उनके मंत्री मंडल के तमाम नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन इस बार भाजपा विपक्षी एकता को नहीं भेद पाए। इसके अलावा भाजपा का जीत का गणित रहा मुस्लिम वोटरों का बिखराव भी काम नहीं आया। सपा बसपा, कांग्रेस के साथ आर एल डी ने भी भाजपा के खिलाफ पूरी ताकत लगाई।