पत्रिका अभियान के आह्वान पर महानगर में बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सक्सेना अपने बेटी को कार्यालय लेकर पहुंची।
मुरादाबाद: आज वर्ल्ड डाटर्स डे है,जिसको लेकर पत्रिका ने एक अभिनव अभियान शुरू किया है। जिसमें ये पूरा सप्ताह बेटियों के नाम ही रहने वाला है। इस अभियान के तहत लोगों से अपनी बेटी को कार्य स्थल पर ले जाने की अपील के साथ ही आज का दिन उसके नाम करने को है। इसी के तहत ही पत्रिका अभियान के आह्वान पर महानगर में बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सक्सेना अपने बेटी को कार्यालय लेकर पहुंची। यहां बेटी ने अपने अनुभव पत्रिका के साथ साझा किये वहीँ खुद नीतू सक्सेना ने पत्रिका के इस अभियान को सराहा।
बेटी को मां पर हिया गर्व
पिछले बीस साल से अपनी मां को काम करता देख रही 21 साल की अस्मिता आज अपनी मां नीतू सक्सेना के साथ उनके कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने ऑफिस के कामकाज को समझा साथ ही कैसे बाल कल्याण समिति काम करती है ये भी जाना। अस्मिता ने बताया कि उनकी मां उनके लिए किसी प्रेणना से कम नहीं हैं। उन्हें लगातार काम करते देख कर खुद उन्हें भी काम करने की ललक जागती है। उन्हें अपनी मां के काम और नाम पर गर्व भी है। अस्मिता आगे चलकर मां की तरह ही कुछ काम करना चाहती है। जिससे समाज का भला हो।
पत्रिका अभियान को सराहा
वहीँ इस मौके पर बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि ये उनके जीवन का एक अलग अनुभव है। जब आज मेरी बेटी इतने वर्षों में पहली बार मेरे साथ मेरे ऑफिस आई है। इसके लिए उन्होंने पत्रिका को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी अपनी बेटियों को आगे लाने की अपील पत्रिका के माध्यम से की। उन्होंने कहा कि जो काम काजी महिलायें नहीं हैं वो भी अपनी बेटियों को आगे। बेटियां भी बेटों से किसी तरह से कम नहीं है।इसलिए बिना भेदभाव उन्हें भी साथ खड़ा रखें।