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मुरादाबाद में फर्जी बिलिंग गिरोह का पर्दाफाश, करोड़ों की GST चोरी का खुलासा, SIT की बड़ी कार्रवाई

Moradabad News: मुरादाबाद में एसआईटी ने फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की GST चोरी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मास्टरमाइंड ईशान मलिक फरार है।

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मुरादाबाद

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Avaneesh Kumar Mishra

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Mohd. Danish

Jun 11, 2026

Moradabad GST Fraud

Moradabad GST Fraud : एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, PC- Chatgpt

मुरादाबाद में एसआईटी ने एक बड़े फर्जी बिलिंग और जीएसटी चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा था। यह मामला सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-04 की शिकायत पर थाना मझौला में दर्ज किया गया था, जिसमें एक बिल्टी फर्म M/S National Traders के दस्तावेजों के दुरुपयोग का खुलासा हुआ।

कानूनी कार्रवाई और मुकदमे का विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 11.04.2026 को थाना मझौला में मुकदमा अपराध संख्या 365/2026 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 336, 338, 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद विवेचना के दौरान धारा 340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई। इस पूरे मामले की जांच उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसआईटी टीम द्वारा तकनीकी और अभिसूचना आधारित तरीके से की गई।

एसआईटी की कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार

एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोहम्मद फैसल पुत्र मोहम्मद यामीन (38 वर्ष), निवासी किसरौल, थाना नागफनी, मुरादाबाद और शाहनवाज पुत्र बाबू मियां (44 वर्ष), निवासी खैरनगर, थाना देहली गेट, मेरठ शामिल हैं। दोनों से पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ियाँ सामने आई हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

फर्जी फर्मों का इस्तेमाल और बिलिंग नेटवर्क

जांच में सामने आया कि National Traders (GST No. 09EPBPR6153H1ZK) के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म तैयार की गई थी। इसके अलावा Arhaan Traders (GST No. 09ABVPF8107B1ZN) को भी स्क्रैप फर्म के रूप में इस्तेमाल किया गया। आरोपी फैसल ने बताया कि आर्थिक नुकसान के बाद उसे शाहनवाज ने फर्जी GST बिलिंग के जरिए कमाई का लालच दिया था।

ईशान मलिक से जुड़ा पूरा गिरोह

पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड ईशान मलिक है, जो पहले से ही GST बिलिंग के अवैध कारोबार में सक्रिय था। वर्ष 2022 में भी उसने फर्जी बिल उपलब्ध कराए थे, जिन्हें आगे चलकर विभिन्न फर्मों में उपयोग किया गया। यह नेटवर्क दिल्ली और मेरठ तक फैला हुआ बताया जा रहा है, जहां से कई पार्टियों को केवल बिल उपलब्ध कराकर ITC का अवैध लाभ दिलाया जाता था।

माल सप्लाई और पैसों का पूरा खेल

आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुरादाबाद की कई फर्मों जैसे Umaima Handicraft, Nazim Sons, Jeelani Traders और Al Arsh International को फर्जी बिलों के आधार पर माल सप्लाई दिखाते थे। भुगतान को बैंक खातों के माध्यम से लिया जाता था, जबकि कुछ लेन-देन नकद में भी किए जाते थे। इस पूरे खेल में ई-वे बिल और कच्चे माल के नाम पर टैक्स चोरी का पूरा सिस्टम तैयार किया गया था।

नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

एसआईटी अब इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय और डिजिटल जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य फर्मों और व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित रैकेट है जो लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में फैला हुआ है। मास्टरमाइंड ईशान मलिक की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे गिरोह की परतें पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।