एक व्यक्ति बेहोशी या फिर नशे की हालत में बीच सड़क पर पड़ा है। जिसे ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान डंडे से हटा रहे हैं।
मुरादाबाद: लाख दावों के बाद भी सूबे की पुलिस का आम लोगों के प्रति व्यवहार सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ ऐसी ही तस्वीर शहर के रेलवे स्टेशन के बाहर की सामने आई है। यहां एक व्यक्ति बेहोशी या फिर नशे की हालत में बीच सड़क पर पड़ा है। जिसे ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान डंडे से हटा रहे हैं। न ही उसके लिए एम्बुलेंस मंगवाई और न ही उसे सही से उठवाया। बल्कि राहगीरों से कहकर उसे सामान की तरह खींचकर फुटपाथ पर लिटा दिया। ये सब हरकत किसी राहगीर ने अपने मोबाइल में कैद कर ली और वायरल कर दी।
होमगार्ड व पुलिस कर्मियों ने नहीं दिखाई मानवता
सभी होमगार्ड अपने साथी के साथ या तो बातें करने में मस्त थे और बाकी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने में बिजी थे। जब होमगार्ड ने कैमरा चलता हुआ देखा तो वह तुरंत हरकत में आया और शराबी को अपने डंडे से हिलाने लगा फिर शराबी को डंडा मारने का प्रयास किया लेकिन पास में खड़े ट्रैफिक पुलिस वाले के मना करने पर उसने शराबी को डंडा नही मारा। चार होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस वालों की थोड़ी बहुत भी इंसानियत नही जागी की इस शराबी को खुद उठाकर साइड में लेटा दे या एम्बुलेंस बुलाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दे। बल्कि सड़क पर खड़े एक राहगीर से शराबी को वहाँ से हटाने के लिए कहते है। वह राहगीर तो पुलिस वालों से भी बड़ा निर्दयी निकला उसने तो शराबी का हाथ पकड़कर जानवरो की तरह घसीटना शुरू कर दिया। घसीटते हुए रिक्शा पार्किंग के फुट पाथ पर ले जाकर लेटा दिया और वहा से चला गया।
नहीं ली सुध
देखने की बात यह है कि पुलिस कर्मचारी ओर होमगार्ड ने एक बार भी यह जानने की कोशिश नही की यह व्यक्ति कौन है कोई मुसाफिर तो नही कहा से आ रहा था और कहा जा रहा था यह बिल्कुल भी जानने की कोशिश नही की शायद पुलिस वाले उनकी तलाशी लेकर उसके घर का पता लगा सकते थे और उसको उसके घर पहुँच सकते थे। लेकिन इन पुलिस कर्मचारियों का ज़मीर बिल्कुल भी नही जगा। जब इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो अधिकारी ने मामला संज्ञान में ना होने का बहाना लेकर कुछ भी कहने से मना कर दिया।