डाकिये गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जासूसी का काम कर रहे हैं , उन्हें गांव के हर घर की ख़बर केंद्र सरकार को भेजनी पड़ रही है।
मुरादाबाद: गांव में पोस्ट मैन आता है तो लोग समझते हैं कि डाकिया किसी का चिट्ठी सन्देश लाया होगा। लेकिन अब मुरादाबाद के डाकिये गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जासूसी का काम कर रहे हैं और डाक बांटने के साथ साथ उन्हें गांव के हर घर की ख़बर केंद्र सरकार को भेजनी पड़ रही है। गांव में किस घर में विधुतीकरण हुआ है और किस में नहीं हुआ। इसकी जानकारी एक फार्म में भर कर भेजना पड़ रहा है और उसका रिकॉर्ड अपने पास रजिस्टर में रख रहे हैं।
ये आंकड़े इक्कठे किये जा रहे
डाकियों को मुख्य डाक घर से दिए गये फार्म पर गांव की जनसंख्या , आवासों की संख्या , विधुतीकरण और खम्भों की दूरी मीटर में, बिजली का मीटर लगा है या नहीं , विधुत काटी गयी है तो कब काटी गयी है ? गांव के हर परिवार के राशन कार्ड, एपीएल और बीपीएल की जानकारी और आधार कार्ड, मोबाईल नंबर की जानकारी के साथ-साथ सरपंच का नाम और मोबाईल नंबर भी फार्म में भर कर हर रोज़ मुख्य डाक घर में जमा करना पड़ रहा है, जो सीधे पीएमओ को भेजा जाता है।
मौखिक आदेश
डाकियों का कहना है की उन्हें मौखिक रूप से बताया गया है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदेश है और इस फार्म पर मांगी गयी जानकारी जल्दी से जल्दी मुहैय्या करा कर भेजी जाये। कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। लिहाजा हमने मुरादाबाद के मुख्य डाक घर में जाकर वहां मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही तो कोई भी अधिकारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं हुआ।
अधिकारी नहीं दे रहे जबाब
इस दौरान कैमरे पर मुरादाबाद के मुख्य डाक घर की परिवाद निरीक्षक हेम लता ने इस बात की पूरी जानकारी दी की ग्रामीण क्षेत्र के डाकियो से ये काम केंद्र सरकार के आदेश पर लिया जा रहा है।
डाकिये हो रहे परेशान
मुरादाबाद के डाकियो का कहना है की उन्हें डाक बांटने के साथ-साथ ये अतिरिक्त काम करने में बहुत परेशानी हो रही है। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनावो के लिए गांवों से ये जानकारी इकट्टा करा रहे हैं। इस सवाल पर डाकियों का कहना है की उन्हें इसका नहीं मालूम। वहीँ डाकियों द्वारा इस तरह के सर्वे पर भाजपा नेताओं ने भी चुप्पी साध ली है।