मुरादाबाद

पब्लिक स्कूलों के बंद को प्रशासन ने माना मनमानी,दे दिया दो टूक जबाब

स्कूल के प्रिंसिपल और प्रबन्धक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। जिस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने विधिक तरीके से फीस लेने को कहा।

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पब्लिक स्कूलों के स्कूल बंद को प्रशासन ने माना मनमानी,दे दिया दो टूक जबाब

मुरादाबाद: महानगर के आज सभी पब्लिक स्कूल आज सामूहिक रूप से बंद रहे। जिसके पीछे एक अगस्त को गांधी नगर पब्लिक स्कूल में अभिभावकों के हंगामे को बताया गया। जिस पर प्रशासन ने कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन पब्लिक स्कूल संचालकों ने स्कूल बंद कर अपना दबाब बनाने की कोशिश की। सुबह सभी स्कूल के प्रिंसिपल और प्रबन्धक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। जिस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने विधिक तरीके से फीस लेने को कहा। वहीँ छात्र संगठनों ने अभिभावकों के समर्थन में प्रदर्शन कर पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।

इस वजह से बंद हुए स्कूल

यहां बता दें कि शहर के गांधी नगर पब्लिक स्कूल में बुधवार को स्कूल प्रशासन ने फीस जमा नहीं होने से पचास बच्चों को एक कमरे में तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा था। जिसकी सूचना पर अभिभावकों ने स्कूल में ख़ासा हंगामा किया था। सूचना अपर पुलिस के साथ पहुंची एसीएम विनीता सिंह ने मामले को शांत कराया और टेस्ट से रोके गए सभी बच्चों को परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए। यही नहीं उन्होंने स्कूल के रवैये पर नाराजगी जताई। वहीँ बच्चों को स्कूल में फीस के लिए बंधक बनाने का मामला शासन तक पहुंच गया। जिस पर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस मामले में जांच कर कार्यवाही के लिए कमेटी गठित करने को कहा।

प्रशासन ने दिया ये जबाब

कमेटी गठित होने की सूचना के बाद से स्कूल प्रशासन में हडकंप मच गया और गुरूवार देर शाम सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया गया। लेकिन प्रशासन के तेवरों ने पब्लिक स्कूलों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। दो टूक जबाब दिया गया कि इस प्रकरण की कमेटी जांच करेगी उसके बाद ही कार्यवाही होगी।

स्कूल की बढ़ गयीं मुश्किलें

उधर गांधी नगर पब्लिक स्कूल की मुश्किलें और खड़ी हो गयीं हैं। क्यूंकि स्कूल में बच्चों को बंधक बनाने के मामले में बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है। बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ ने इस प्रकरण को बेहद गंभीर माना है। समिति के अध्यक्ष गुलजार अहमद की ओर से एक पत्र डीआईओएस के माध्यम से स्कूल प्रधानाचार्य को भेजा गया है। इसमें उनसे इस मामले में अपना पक्ष मांगा है। इसके लिए उनको 16 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया है।

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Updated on:
03 Aug 2018 03:04 pm
Published on:
03 Aug 2018 03:02 pm
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