मुरादाबाद

सपा विधायक के चाचा ने सर्किट हाउस में पढ़ी नमाज, गरमाई मुरादाबाद की सियासत

मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद उस्मान सर्किट हाउस में नमाज पढ़ रहे थे। समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
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Updated: 4 Sep 2026, 10:02 PM IST
Moradabad Circuit House Namaz Controversy
सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल (फोटो @hindipatrakar स्क्रीनशॉट)

Moradabad Circuit House Namaz Controversy: मुरादाबाद जिले की बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा और सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान का सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़ते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में वे सर्किट हाउस में बैठकर नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं। इस क्लिप ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

शिवसेना ने जताया कड़ा विरोध

वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना ने इसका कड़ा विरोध किया है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र अरोड़ा ने इस कृत्य को गलत बताया। उन्होंने कहा कि शिवसेना पूरे मामले को जिलाधिकारी के समक्ष उठाएगी और सर्किट हाउस में आरती भी करेगी। हिंदू संगठनों ने भी सार्वजनिक परिसर में नमाज पढ़े जाने पर नाराजगी जताई है। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने भी इस पर कड़ी आपति जताई है। सक्सेना ने प्रशासन से सवाल करते हुए पूरा कि किस नियम से नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायक ने वीडियो को एआई बताया

बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो एआई से बनाया गया है और इसकी प्रामाणिकता संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि इस तरह की क्लिप से अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।

सपा नेता का स्पष्टीकरण

सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान ने कहा कि शुक्रवार को वे सर्किट हाउस नहीं गए थे। उन्हें इस वीडियो की कोई जानकारी नहीं है कि यह कहां का है और किस उद्देश्य से बनाया गया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार पूजा और इबादत करता है। इस प्रकरण को क्यों हवा दी जा रही है, यह उनकी समझ से परे है।

पुलिस ने शुरू की जांच

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है। मझोला पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर लोग वीडियो को तेजी से शेयर कर रहे हैं। कुछ इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ सार्वजनिक परिसर में नमाज पढ़े जाने पर सवाल उठा रहे हैं। वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

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4 Sep 2026, 10:02 PM IST
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