
रामपुर। बीते दो सप्ताह से सपा के दो ब्लाक प्रमुखों की कुर्सी पर भाजपा ने सेंधमारी क्या कर दी। सपाई गुस्से में आ गए और जिला अधिकारी कार्यालय में पहुंचे। जहां पर सपाइयों ने जिला अधिकारी को एक पत्र देकर मांग की कि या तो प्रशासन हमारी मांगें माने वर्ना हमें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा उसकी परमीशन चाहिए, जिसको लेकर डीएम बोले यह मेरा अधिकार है। मैं क्या करूं क्या न करूं। जिसको लेकर सपाई भड़क गए और उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट पर यह आरोप लगाया कि इनका फोन कभी नहीं उठता।
सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा का पहला आरोप है कि नगर मजिस्ट्रेट ने नगर का माहौल खराब करने की पूरी कोशिश की है। इन्होंने ऐसी जगह सर्कस लगवाया है, जहां पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की जाती है। सर्कस में नंगा-नाच होता है, जिसको लेकर नगर की फिजा खराब हो रही है। कई बार वहां झगड़ा हुआ है। अगर इन्हें सर्कस लगवाना ही था तो नुमाइश ग्राउंड में लगवाया जा सकता था। लेकिन इन्होंने नगर के बीचों-बीच लगाकर नगर का माहौल खराब करने की कोशिश की है, जिसे किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पर सपा नेताओं को चेतावनी देते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जिले में धरना प्रदर्शन के लिए फिलहाल कोई परमीशन नहीं दी जा रही है। अगर आपने जबर्दस्ती आंदोलन किया तो आप कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जिले में हर हाल में कानून का राज कायम है और कायम रहेगा।
दरअसल सिटी मजिस्ट्रेट के सरकारी मोबाइल नम्बर पर सपा नेता को कोई रिप्लाई नहीं मिला तो यह बवंडर खड़ा हो गया। पूरी की पूरी सपा जिला इकाई के नेता बुधवार को कलेक्ट्रेट में आ गए और सिटी मजिस्ट्रेट को बुरा भला कहने लगे। हालांकि डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट का बचाव करते हुए कहा कि किन्हीं कारणों से फोन नहीं उठा कोई बात नहीं, जिसको लेकर सपाई आग बबूला हो गए।