
मुरादाबाद के रईसुद्दीन को समाजवादी पार्टी के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ रहे हैं। हाजी रईसुद्दीन एक कारोबारी हैं। मुरादाबाद नगर निगम से 34 लोगों ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की थी। इसके बाद सपा ने काफी सोच समझकर रईसुद्दीन को अपना उम्मीदवार बनाया। इससे पहले सपा यहां पर दो बार अपना मेयर बना चुकी है।
मुलायम के समय ही सपा से जुड़े थे रईसुद्दीन
हाजी रईसुद्दीन 1992 से ही वह समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े हैं। वह एक कारोबारी के साथ समाज सेवा का कार्य करते रहे हैं। बताया जा रहा है कि जब मुरादाबाद मेयर कैंडिडेट के लिए सपा रणनीति बना रही थी तब अखिलेश यादव ने खुद हाजी से बात की। इसके बाद उनके नाम पर मोहर लगी।
दो बार सपा बना चुकी है मेयर
मुरादाबाद नगर निगम का पहला चुनाव 1995 में हुआ। सपा के हुमायूं कदीर ने बीजेपी के डॉ0 सुरेश चंद्र गुप्ता को हराकर पहले चेयरमैन बने। 29 नवंबर 2000 तक हुमायूं यहां के मेयर रहे। साल 2001 में यह सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई। भाजपा ने यहां से विनोद अग्रवाल के पत्नी बीना अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया और वह मेयर चुनी गई। 2006 में यह सीट फिर से अनारक्षित हो गई। इस चुनाव में सपा के डॉ. एसटी हसन ने वीना अग्रवाल को हरा करके मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाया। वें साल 2011 तक मेयर रहे।
सपा ने रईसुद्दीन पर जताया है भरोसा
इसके बाद से ही सपा मुदाबाद में मेयर बनाने में कामयाब नहीं रही है। तब से यहां पर बीजेपी के विनोद अग्रवाल मेयर बनते आए हैं। सपा ने हाजी रईसुद्दीन को अपना उम्मीदवार बनाया है तो वहीं बीजेपी ने विनोद अग्रवाल पर एक बार फिर भरोसा जताया है।