मुरादाबाद

यूपी में बदलेगा मौसम: 2 मई से आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए किन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

UP Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। दो दिन की राहत के बाद 12 मई से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

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यूपी में बदलेगा मौसम | AI Generated Image

UP Rain Alert 12 May 2026: उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम ने राहत भरा रुख अपनाया है। रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ बना हुआ है और तेज धूप खिली हुई है। हालांकि हल्की ठंडी हवाएं चलने के कारण गर्मी का असर थोड़ा कम महसूस हो रहा है, लेकिन दिन में धूप लगातार तीखी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल किसी भी जिले में आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है।

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तापमान में तेज उछाल से बढ़ी गर्मी

प्रदेश में तापमान लगातार तेजी से बढ़ रहा है। करीब एक सप्ताह बाद शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रविवार को इसके 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। बीते दो दिनों में कई जिलों में तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे गर्मी का असर और तेज हो गया है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इसी कारण मौसम शुष्क हो गया है और बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे बदलावों का असर भी यूपी के मौसम पर पड़ रहा है, जिससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

12 मई से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 मई से प्रदेश में मौसम एक बार फिर तेजी से बदल जाएगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। 13 और 14 मई को इसका असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

प्रमुख शहरों में तापमान और स्थिति

मेरठ में तेज धूप के साथ तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने की संभावना है। कानपुर में आसमान साफ है और गर्म हवाएं महसूस हो रही हैं। गाजियाबाद में तापमान 37 डिग्री से ऊपर जाने का अनुमान है, जबकि मुरादाबाद में भी दिन का पारा 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। इन सभी शहरों में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है।

मौसम में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे बदलाव इसकी मुख्य वजह हैं। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश और कभी धूप निकलने से हवाओं का पैटर्न बदल रहा है। यही हवाएं उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे कभी गर्मी तो कभी बारिश जैसी स्थिति बन रही है।

अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान

11 मई को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। 12 मई से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने लगेंगे और बारिश शुरू हो जाएगी। 13 और 14 मई को तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। 15 मई को पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्य हो सकता है, जबकि पूर्वी हिस्से में बारिश जारी रह सकती है।

किन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार 12 से 14 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। खासकर पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्से ज्यादा प्रभावित रह सकते हैं।

इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना

  • लखनऊ - बादल, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार।
  • कानपुर - तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना।
  • प्रयागराज - आंधी और रुक-रुक कर बारिश।
  • वाराणसी - गरज-चमक के साथ तेज बारिश।
  • गोरखपुर - पूर्वी यूपी में भारी बारिश का असर।
  • मेरठ - तेज आंधी और तापमान में गिरावट।
  • आगरा - धूल भरी आंधी और हल्की बारिश।
  • बरेली - बादल और तेज हवाओं का दौर।
  • मुरादाबाद - गरज-चमक और बारिश के आसार।
  • झांसी - पहले से गर्म, लेकिन आंधी के साथ मौसम बदलने की संभावना।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मानसून को लेकर बड़ा अपडेट और अनुमान

मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार इस साल मानसून सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम रह सकता है। जून से सितंबर के बीच देश में औसत से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसका असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ सकता है, जहां मानसून कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं।

अल नीनो और ला नीना का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो परिस्थितियां बनने से बारिश पर असर पड़ सकता है। अल नीनो में समुद्र का तापमान बढ़ने से बारिश कम हो जाती है, जबकि ला नीना में अच्छी बारिश होती है। इस बार अल नीनो की ओर रुझान होने से मानसून कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है।

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