मामला नगर निगम के वार्ड क्रमांक 9 व 10 जौरा खुर्द व जौरी क्षेत्र का, सडक़ व डिवाइडर पर 3 करोड़ खर्च, नहीं हटाए बिजली के खंभे, नहीं निकल पा रहे चार पहिया वाहन
मुरैना. नगर निगम ने वार्ड क्रमांक नौ व दस जौरा खुर्द व जौरी क्षेत्र में मां-बेटी चौराहे से काका ढाबा तक सडक़ व डिवाइडर के निर्माण पर तीन करोड़ पांच लाख रुपए खर्च कर दिया लेकिन सडक़ के बीच में आने वाले बिजली के खंभे शिफ्ट नहीं किए हैं जिसके चलते चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
नगर निगम ने एक साल पूर्व 2.27 करोड़ से मां- बेटी चौराहे से काका ढाबा तक 1200 मीटर लंबी सडक़ का निर्माण किया। उस समय भी नगर निगम के जिम्मेदार ये कहते रहे कि सडक़ के बीचोंबीच खड़े बिजली के खंभों को शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन नहीं किया गया और सडक़ का कार्य पूरा कर दिया। अब उसी सडक़ पर 78.34 लाख रुपए की लागत से सडक़ के बीच डिवाइडर का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन बिजली के खंभे अभी तक नहीं हटाए गए हैं। इस मार्ग पर करीब दो दर्जन बिजली के खंभे हैं जो सडक़ के बीच आ रहे हैं। डिवाइडर बनने से एक साइड में कई जगह तो चार पहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। पूरी सडक़ पर स्थिति यह है कि अगर किसी ने वाहन को स्पीड से निकाला तो दुर्घटना होना संभावित है।
नगर निगम की अनदेखी के चलते करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई सडक़ कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। निगम के जिम्मेदार अगर सडक़ निर्माण के समय मॉनीटरिंग करते तो आज सडक़ क्षतिग्रस्त नहीं होती। सडक़ पर मां- बेटी चौराहे के नजदीक, मिडिल स्कूल के पास, मल्टी, मुक्तिधाम के सामने सडक़ पर जगह-जगह गिट्टी निकल रही है, गड्ढे हो गए हैं।
2.27 करोड़ की लागत से बनी सडक़।
78.34 लाख की लागत से बन रहे डिवाइडर।
1200 मीटर लंबाई है सडक़ की।
12 से 15 मीटर चौड़ाई है सडक़ की।
20 हजार से अधिक की आवादी प्रभावित।
9 व 10 वार्ड की सीमा को टच करती है सडक़।
खंभे शिफ्टिंग के लिए बिजली कंपनी को कुछ राशि देनी हैं और उनकी सुपरवीजन में खंभे शिफ्टिंग का काम तो शुरू हो गया है, जो खंभे सडक़ के बीच में खड़े हैं, उनको हटाना भर है। उस काम को भी जल्दी किया जाएगा।