
मुरैना. शहर में मिलावटी तेल का कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। जबकि यह स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। हालिया शोध में खुलासा हुआ है कि मिलावटी तेल का सेवन लोगों को समय से पहले बूढ़ा कर देता है। क्योंकि शरीर पर इसका चौतरफा विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिससे काम करने की दक्षता भी कम हो जाती है। मिलावटी तेल मनुष्यों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है, इस बात का उल्लेख प्रोफेसर डॉ. विनायक तोमर द्वारा 2018 में ‘केमिकली ट्रीटेड फूड एण्ड मिक्सिंग मेटेलिक डेरिवेटिव’ विषय पर किए गए शोध में किया है। उनका यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ‘ग्लोबल’ में प्रकाशित हो चुका है।
गौरतलब है कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित एक फैक्ट्री पर एसेंस डालकर तैयार किया हुआ सरसों का तेल पकड़ा। मौके पर एसेंस की खाली और भरी बोतलें भी मिलीं। जिससे साबित हो गया है कि यहां मिलावटी तेल का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। एसेंस मिलाकर तैयार किया जाने वाला सरसों तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। पीजी कॉलेज के प्राणीविज्ञान के प्रोफेसर के मुताबिक एसेंस वाला तेल पाचक ऐंजाइम्स के सीक्रेशन को 7-9 प्रतिशत तक घटा देता है। यह आमाशय में अम्ल की मात्रा बढ़ाता है, जिससे लिवर के काम करने की गति 17 प्रतिशत तक कम हो जाती है। ऐसे तेल के सेवन ने पित्तरस के निर्माण की दर धीमी हो जाती है और मेटाबोलाइट बनने लगते हैं। नतीजा यह कि समय से पहले बुढ़ापा आ जाता है और शरीर की काम करने की दक्षता कम हो जाती है। इस वजह से कोशिकाओं का अनियंत्रित विभाजन भी हो सकता है, जो बहुत घातक है।
बढ़ा रहा हृदय रोगियों की संख्या
मिलावटी तेल की वजह से हृदय रोगियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी तेल का लगातार सेवन करने से हार्ट ब्लॉकेज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढऩे और हार्टअटैक की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए भोजन में मिलावटी तेल के उपयोग से बचना चाहिए।