पत्रिका अमृतम जलम अभियान में लोग बोले: पत्रिका का कार्य सराहनीय, इस पहल में शासन व प्रशासन भी आगे आए
मुरैना. पत्रिका के सामाजिक सरोकार से जुड़े अमृतम जलमं अभियान की शुरूआत सोमवार को मुरैना गांव के प्राचीन तालाब से की गई है। पहले दिन समाजसेवी, शिक्षक, कृषि मंत्री के प्रतिनिधि एवं स्काउट गाइड ने तालाब की सफाई के लिए पंजी व फावड़े हाथ में थामकर श्रमदान किया। तालाब किनारे पर सफाई की और तालाब के अंदर पंजी से कचरा निकाला गया।
लोगों ने कहा कि मुरैना गांव का तालाब दाऊजी मंदिर से जुड़ा होने से धार्मिक महत्व रखता है। इसके प्रति शहरी व ग्रामीण लोगों की अपार आस्था है। अभियान में शामिल लोगों ने कहा कि पत्रिका का यह प्रयास सराहनीय हैं, इस अभियान में जनता के साथ शासन व प्रसाशन के नुमाइंदे आगे आकर तालाब का जीर्णोद्धार की पहल करें तो इस तालाब को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
पत्रिका का यह अभियान लोगों को जागरुक करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मुरैनागांव का प्राचीन तालाब धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी सफाई आवश्यक है। स्वयं सफाई करें और लोगों को प्रेरित करें।
अमृतम जलम अभियान के अलावा पत्रिका सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम अक्सर करता रहता है। तालाब की सफाई को लेकर जो जागरुकता लोगों में पैदा की जा रही है, वह सराहनीय पहल है। इसमें हर किसी को आगे आकर सहभागिता करनी चाहिए।
स्काउट गाइड ने तालाब पर श्रमदान किया है। पत्रिका के अभियान से जुडकऱ आगे भी सफाई कार्य में सहभागिता की जाएगी। जल ही जीवन है, इसलिए जल को सहेजने के लिए हम सबको आगे आना होगा।
पत्रिका ने अमृतम जलम अभियान शुरू किया है। इसमें आम जनता के साथ शासन, प्रशासन के नुमाइंदे जुड़े और मुरैना गांव तालाब के जीर्णोद्धार की पहल करें, जिससे इसे पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सके।
मुरैना गांव का तालाब क्षेत्र की धरोहर है। इसको सहेजना पत्रिका के साथ साथ हम सबका कर्तव्य है। ग्रामीण लोग भी आगे आकर तालाब की सफाई में अपना हाथ बंटाएं, जिससे गंदगी से निजात मिल सके।
पत्रिका ने सफाई व जल सहेजने के लिए जो स्थल चयन किया है, वह सटीक है क्योंकि यह तालाब लोगों की आस्था से जुड़ा है, अगर शासन व प्रशासन भी इस तालाब पर ध्यान दे तो यहां काफी विकास हो सकता है।
जल स्रोतों का जीवन में बड़ा महत्व है, इसलिए मुरैना गांव तालाब का जल स्तर स्थिर रहेगा तो आसपास की बस्तियों का जल स्तर नीचे नहीं गिरेगा। इसलिए हम सब लोगों का दायित्व है, तालाब में गंदगी न फैलाएं।
हर साल पत्रिका के साथ मिलकर मुरैना गांव तालाब की सफाई का प्रयास करते हैं। यह लोगों को जागरुक करने माध्यम है। इससे लोगों को प्रेरणा लेना चाहिए और स्वयं श्रमदान करें और लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करें।
दाऊजी मंदिर मुरैना सहित आसपास के दर्जनों गांवों का आस्था का केन्द्र हैं, यहां हर साल दीपावली की पड़वा को नागदेवता इसी प्राचीन तालाब में भगवान के रूप में दर्शन देते हैं, इसलिए हजारों लोगों की आस्था पर गंदगी न फैलाएं।
जल हर किसी के जीवन के लिए अमूल्य है। इसलिए पत्रिका की मुहिम में हर किसी को बढ़चढकऱ हिस्सा लेना चाहिए जिससे मुरैना गांव तालाब की सफाई हो सके और लोगों को संदेश मिले कि यहां गंदगी न फैलाएं।