मुरैना

कृषि मंडी के कांटे पर कम तौल को लेकर किसानों ने किया हंगामा

ट्रॉली में 75 किलो कम बैठा वजन, किसान ने किया हंगामा, कांटे मालिक ने कम माल की दी राशि, तब निपटा मामला

2 min read
Mar 18, 2026

मुरैना. कृषि उपज मंडी मुरैना में कांटों का नवीनीकरण न होने से कम माल तौल कर किसानों के माल की खुलेआम चोरी की जा रही है। एक क्विंटल पर की बोरी पर दो किलो वजन कम तौला जा रहा है। इसको लेकर आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। उधर कृषि मंडी प्रशासन के जिम्मेदार किसानों से हो रही ठगी को लेकर मौन बैठे हुए हैं।


किसानों का फसल चोरी न हो, इसलिए शासन ने कृषि उपज मंडी परिसर में तीन तौल कांटे लगवाए गए थे लेकिन तौल कांटों पर ही चोरी होगी तो फिर किसान कहां जाए। यूं तो शिकायत सभी कांटों पर हैं लेकिन मंडी कार्यालय के पास स्थित पुराने कांटे की शिकायत ज्यादा मिल रही हैं। सोमवार को मामला इसलिए पकड़ में आ गया कि कैमरा के किसान रामकेश गुर्जर ने अपनी ट्रॉली की सरसों की तौल पहले मंडी से बाहर प्राइवेट कांटे कराई, जहां ट्रॉली का वजन 6095 किग्रा था, उसके बाद मंडी के कांटे पर सरसों तुलवाई तो वही वजन 6020 किग्रा हुआ। अर्थात 75 किलो वजन कम बैठा। इसको लेकर किसान भडक़ गए और उन्होंने कांटे पर हंगामा कर दिया। कांटा संचालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जो सरसों कम हुई, उसकी राशि किसान को वापस की, तब मामला शांत हो सका। विडंवना इस बात की है कि जिस तौल कांटे पर विवाद हुआ, वह मंडी कार्यालय के पास ही है लेकिन मंडी प्रशासन का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसा ही एक मामला दो दिन पूर्व मंडी में आया था, जहां गोपाल पुरा किसान राम सिंह की सरसों कम तौल हुई तो विवाद की स्थिति बनी लेकिन बाद में अन्य किसानों ने विरोध किया तो तौल कांटा संचालक ने दोबारा तौलकर किसान को संंतुष्ट कर दिया और मामला निपट गया। तौल को लेकर रोजाना एक दो विवाद तो होते रहते हैं।

इसलिए पकड़ में नहीं आती चोरी

ज्यादातर किसान अपनी फसल सरसों को सीधे खेत पर कटवाकर ट्रॉली में भरकर मंडी पहुंचते हैं, यहां कांटे तौल करवाई और पैसा लेकर वापस हो जाते हैं लेकिन जिन किसानों ने अपने माल की तौल बाहर प्राइवेट कांटे करवाई और उसके बाद मंडी के कांटे पर करवाई तो चोरी पकड़ ली जाती है लेकिन कुछ ही ऐसे किसान हैं जो प्राइवेट में तौल के बाद मंडी में तौल करवा रहे हैं।

फरवरी से हुई मंडी में सरसों की आवक

कृषि उपज मंडी में सरसों की आवक 23 फरवरी से शुरू हो चुकी है जबकि समर्थन मूल्य पर अभी पंजीयन ही चल रहे हैं। पहले दिन 200 क्विंटल सरसों आई। 7 मार्च को 1242 क्विंटल, 9 मार्च को 2107 क्विंटल और अब रोजाना 2000 क्विंटल सरसों की आवक मंडी में हो रही है।

मंडी में भाव अधिक मिलने पर समर्थन मूल्य पर पंजीयन में सुस्ती

शासन ने सरसों का 6200 रुपए समर्थन मूल्य तय किया है। लेकिन मंडी में 6200 से 6400 रुपए क्विंटल का भाव मिल रहा है इसलिए समर्थन मूल्य पर पंजीयन को लेकर किसानों में रुचि नहीं हैं। जिन किसानों ने पंजीयन कराया, वह भी भाव को देखकर मंडी में ही सरसों बेचना पसंद कर रहे हैं। समर्थन मूल्य पर पंजीयन की अंतिम तारीख 20 मार्च हैं और खरीद 23 मार्च से शुरू होनी हैं, लेकिन अभी तक 7 हजार के करीब की किसानों ने पंजीयन कराए हैं।

मंडी किसानों की फसल कम तौल की शिकायत मिल रही हैं। हमने फूड विभाग को पत्र लिखा है, कांटों का नवीनीकरण होना हैं, उसके बाद कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए।

पंजाब सिंह, सचिव, कृषि उपज मंडी, मुरैना

Updated on:
18 Mar 2026 04:35 pm
Published on:
18 Mar 2026 04:34 pm
Also Read
View All

अगली खबर