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एमडीएम: मुरैना में माफिया व अधिकारियों का गठबंधन, हो रही मनमानी

मुरैना. जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को बंटने वाला मध्यान्ह भोजन मीनू के अनुसार नहीं मिल रहा है। इस तरह की शिकायतें आए दिन मिल रही थीं। अधिकारी आए दिन बैठक करके मीनू अनुसार भोजन देने के निर्देश देते हैं लेकिन फिर भी निर्देशों का पालन नहीं होता। पहाडगढ़़ में एक जनशिक्षक द्वारा चार […]

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मुरैना. जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को बंटने वाला मध्यान्ह भोजन मीनू के अनुसार नहीं मिल रहा है। इस तरह की शिकायतें आए दिन मिल रही थीं। अधिकारी आए दिन बैठक करके मीनू अनुसार भोजन देने के निर्देश देते हैं लेकिन फिर भी निर्देशों का पालन नहीं होता। पहाडगढ़़ में एक जनशिक्षक द्वारा चार स्कूलों का निरीक्षण किया, वहां मीनू अनुसार भोजन नहीं मिला, लेकिन बीआरसी ने कार्रवाई न करते हुए अपने ही कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे लगता है कि खाद्यान्न माफिया व अधिकारियों का कहीं गठबंधन तो नहीं, इसलिए अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।


पहाडगढ़़ विकासख्ंड के जनशिक्षक माताशरण त्यागी ने फरवरी माह में शासकीय प्राथमिक स्कूल बदरपुरा का निरीक्षण किया था। चूंकि निरीक्षण सोमवार को किया था, उस दिन मीनु के अनुसार बच्चों को तुअर दाल एवं काबुली चना के साथ आलू की सब्जी देनी थी। लेकिन स्कूल में मठा के आलू व रोटी वितरित होती मिली। इसी तरह शासकीय स्कूल बरसैनी, कटैला पुरा, ल्हौरी के पुरा में एमडीएम में अनियमिताएं पाई गई। जिसकी रिपोर्ट बनाकर सीएसी (जनशिक्षक) माताशरण त्यागी ने पहाडगढ़़ बीआरसी को कार्रवाई के लिए भेजा गया। बीआरसी ने समूह संचालक के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए उल्टे जन शिक्षक से ही स्पष्टीकरण मांगा है।

इधर.. बानमोर में बच्चों को दी पानी पतली आलू की सब्जी

शासकीय माध्यमिक विद्यालय बानमोर गांव में सोमवार को पानी पतली आलू की सब्जी व रोटी दी गई जबकि मीनू के अनुसार काबुली चना के साथ आलू की सब्जी, तुअर की दाल व रोटी होना चाहिए थी लेकिन अधिकारियों द्वारा मॉनीटरिंग नहीं की जाती इसलिए समूह संचालक मनमानी कर रहे हैं।

ये कहना हैं इनका

फरवरी के प्रथम सप्ताह में मैंने स्कूलों का निरीक्षण किया था, उसी दिन व्हाट्सएप पर बीआरसी को सूचना कर दी थी, बाद में मेरे द्वारा लिखित रूप में विस्तार से रिपोर्ट भेजी है, उसके लिए बीआरसी ने स्पष्टीकरण मांगा, उसका भी मैंने जवाब भेज दिया है।

माताशरण त्यागी, जन शिक्षक, पहाडगढ़़

जन शिक्षक ने स्कूलों का निरीक्षण किया, उसी समय रिपोर्ट प्रस्तुत करना थी। दो सप्ताह बाद रिपोर्ट मिली तो उनसे स्थिति को स्पष्ट करने के लिए स्पष्टीकरण मांगा, उसके बाद समूह संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वीरेन्द्र धाकड़, बीआरसी, पहाडगढ़़